जसविंदर कौर ने अंतिम सांस तक किया संघर्ष कैलाश नगर में काल बन कर आए पति से जान बचाने के लिए

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लुधियाना। कैलाश नगर में काल बन कर आए पति से जान बचाने के लिए जसविंदर कौर अंतिम सांस तक संघर्ष करती रही। रसोई से लेकर बरामदे और मुख्य गेट तक गिरे खून के निशान उसके साथ हुई जद्दोजहद की कहानी बयां कर रहे थे। अंत में शराब के नशे में हैवान बन चुके रमेश के सामने उसकी हिम्मत भी जवाब दे गई।

आरोपित बुधवार रात को ही नया चाकू खरीदकर लाया था। शराब के नशे में उसने पत्नी को बोल दिया कि आज उसकी जिंदगी की यह अंतिम रात होगी। जसविंदर रात को ही पीछे की गली में रहने वाले अपने भाई बलवीर सिंह के घर चली गई और सारी बात बताई। भाई ने रात का उसे वहीं रोक लिया। वीरवार सुबह जसविंदर को लगा कि पति ने शायद शराब के नशे में रात को मारने की बात कह दी होगी। अब वह भूखा होगा। उसके लिए खाना बनाने के लिए वह घर चली गई। जब वह घर पहुंची तो रमेश उस समय भी शराब पी रहा था। रसोई में खड़ी पत्नी को देखते ही उसने चाकू उठाया ताबड़तोड़ वार कर दिए।

जब पैसे मिलते तो पी लेता था शराब

एसीपी गुरबिंदर सिंह का कहना है रमेश पहले से ही शराबी और कामचोर रहा है। जब कभी उसे ड्राइवर का काम मिल जाता था तो उन पैसों से वह शराब पी लेता था। अगर काम करवाने के बाद उसे कोई शराब पिला देता था तो वह इसी में मान जाता है।

लोगों के घर में काम करती थी जसविंदर :

घर चलाने और बच्चों का पेट भरने के लिए जसविंदर कौर लोगों के घरों में काम करती थी। पति को इसमें भी आपत्ति थी। वह पूछता था कि उसके पास पैसे कहां से आ रहे हैं। कई बार शराब पीकर वह पैसे भी छीन लेता था। बेटी की शादी के बाद छोटा बेटा दुबई चला गया। डेढ़ महीने से परिवार में विवाद गहरा गया था। बड़े बेटे हैप्पी से घर छोड़कर जाने के बाद रमेश रोज पत्नी को पीटता था।

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