3.75 करोड़ रुपये का गबन: बांग्लादेशी नागरिक और उसके साथी की गिरफ्तारी
क्या आप जानते हैं कि कैसे एक बांग्लादेशी नागरिक ने भारत में रहकर 3.75 करोड़ रुपये का गबन किया और कैसे पुलिस ने उसे पकड़ा? यह सच्ची घटना है, और आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे. यह मामला आपको चौंका देगा और आपको सोचने पर मजबूर कर देगा कि कैसे लोग इतनी आसानी से ठगी कर सकते हैं.
गबन का मामला: पत्थर और कोयला व्यापारी का हुआ 3.75 करोड़ रुपये का नुकसान
यह पूरा मामला नोएडा के एक पत्थर और कोयला व्यापारी, संतोष चौबे से शुरू हुआ. उन्होंने 2 फरवरी को नोएडा के नॉलेज पार्क थाने में एक शिकायत दर्ज कराई. उनका कहना था कि गुलाम मुस्तफा नाम के एक शख्स ने उनसे 3.75 करोड़ रुपये बैंक चेक और अकाउंट ट्रांसफर के ज़रिए लिए थे. लेकिक़ ये रुपये उन्होंने वापस नहीं किए. चौबे जी के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका था. उन्होंने गुलाम मुस्तफा को व्यापार के लिए ये रुपये दिए थे। यह देखकर संतोष चौबे परेशान हो गये. इस धोखाधड़ी का अंदाजा लगाना मुश्किल था क्योंकि गुलाम मुस्तफा उनके पुराने साथी की तरह पेश आया।
गुलाम मुस्तफा का असली चेहरा
जांच में पता चला कि गुलाम मुस्तफा कोई साधारण व्यक्ति नहीं था. उसका असली नाम नोफ्लूउद्दीन है, और वह बांग्लादेश के टंगायाल जिले के कूरमोसी गांव का रहने वाला है. उसने भारत में फर्जी आधार कार्ड बनाकर जलपाईगुड़ी में रह रहा था. उसने खुद को गुलाम अली के नाम से जलपाईगुड़ी के दबा ग्राम में दर्ज करा रखा था. पुलिस द्वारा इस फर्जीवाड़े के मामले पर कार्रवाई जारी है।
गिरफ्तारी: यूपी पुलिस ने बिहार में पकड़ा
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई और बिहार में तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल सर्विलेंस की मदद से, गुलाम मुस्तफा और उसके साथी सौगाता चाकी को बिहार के कटिहार के शहीद चौक के पास से गिरफ्तार किया. सौगाता चाकी गुलाम मुस्तफा को कटिहार में छिपाकर रखे हुए था. कटिहार पुलिस और यूपी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से ये गिरफ्तारी संभव हुई.
कटिहार कोर्ट से यूपी पुलिस को सौंपे गए आरोपी
दोनों आरोपियों को कटिहार कोर्ट में पेश किया गया और वहां से उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया गया. अब उन्हें नोएडा ले जाया जाएगा, जहां इस मामले की आगे की जांच होगी.
जांच जारी: फर्जी आधार कार्ड और अवैध प्रवास पर जांच
कटिहार सदर के डीएसपी अभिजीत कुमार सिंह ने बताया कि गुलाम मुस्तफा के फर्जी आधार कार्ड और अवैध प्रवास पर भी जांच चल रही है. पुलिस का यह भी कहना है कि इस मामले में और भी आरोपी शामिल हो सकते हैं।
इस मामले से मिलने वाले सबक
यह मामला हमें सिखाता है कि किसी भी व्यक्ति पर बिना ठीक से जांच-पड़ताल किए, भरोसा नहीं करना चाहिए, खासकर अगर बड़ी रकम का सवाल हो. इसीलिए, किसी के साथ भी व्यापारिक लेन-देन करते समय, सावधानी बरतना बहुत ज़रूरी है. इस मामले में पुलिस की तत्परता से गबन के मामले में कामयाबी मिली है।
सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा
हमें अपने सभी दस्तावेजों और लेनदेन को सावधानीपूर्वक जांचना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।
Take Away Points
- बड़ी रकम के लेन-देन में सावधानी बरतें.
- किसी भी व्यक्ति पर बिना जांच-पड़ताल किए विश्वास न करें.
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें.

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