पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित गायिका वाणी जयराम का निधन, 19 भाषाओं में गाए थे गाने

प्रसिद्ध गायिका वाणी जयराम शनिवार को चेन्नई में स्थित अपने घर में मृत पाई गई हैं। वह 78 साल की थीं। उनकी मौत का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। वाणी जयराम को राष्ट्रपति द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की अमर आवाजों में से एक, वाणी जयराम ने 19 भाषाओं में गाने गाए। वाणी के पति का साल 2018 में निधन हो गया था। निधन के बाद से ही वे चेन्नई में हैडोज रोड स्थित अपने घर में अकेली रह रही थीं।

वाणी जयराम ने तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीते और तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, हिंदी, गुजराती, ओडिया, मराठी, हरियाणवी, असमिया, तुलु और बंगाली सहित 19 भाषाओं में 10,000 से अधिक गाने गाए। उन्होंने ओडिशा, तमिलनाडु, गुजरात और आंध्र प्रदेश से राज्य सरकार के पुरस्कार जीते थे। वाणी भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत थीं और उन्होंने पटियाला घराने के उस्ताद अब्दुल रहमान खान के अधीन हिंदुस्तानी संगीत का प्रशिक्षण शुरू करने के बाद नौकरी छोड़ दी थी।

जयराम को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का बहुत ज्ञान था और वे हिंदी, गुजराती और हरियाणवी गाने गाने में सहज थीं। उनका पहला संगीत एल्बम वसंत देसाई द्वारा रचित कुमार गंधर्व के साथ एक युगल (डूएट) गीत था। एक बेहद कुशल संगीतकार, वाणी जयराम पुराने संगीत निर्देशकों के साथ-साथ नई पीढ़ी के साथ सहज थीं। वह इलयाराजा और एआर रहमान दोनों की फेवरेट थीं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *