आर्थिक मदद नहीं न्याय चाहिए- उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की बहन

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उन्नाव में पेट्रोल डाल जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता की बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक सप्ताह में न्याय चाहिए। जान के बदले जान चाहिए ऐसा नहीं हो सकता तो सरकार हमारी भी जान ले ले और पूरे परिवार की समाधि बनवा दे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के न आने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह सब जगह जाते हैं फिर यहां क्यों नहीं आ रहे हैं। कहा कि हमे आर्थिक मदद नहीं न्याय चाहिए और मुख्यमंत्री यहां आए और हमसे बात करें। वहीं मृतका के भाई का कहना है कि कमिश्नर ने चौबीस घंटे में मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का वादा किया था लेकिन चार दिन बीत गए कोई नहीं आया। भाई ने कहा कि पच्चीस लाख की सहायता की खबर पूरे देश को दे दी लेकिन वह खुद आज तक नहीं आए।

उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में पेट्रोल डाल जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता की समाधि की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। मिट्टी से शव बाहर निकाले जाने के अंदेशे पर पुलिस ने समाधि स्थल के इर्द-गिर्द भटकने वालों के नाम पते की जानकारी के साथ उनकी फोटो खींचकर सुरक्षित करनी शुरू की है। गुुरुवार को भी परिवार का माहौल गमगीन रहा।

5 दिसंबर को दुष्कर्म पीड़िता को जलाए जाने और दिल्ली से सफदरगंज अस्पताल में उसकी मौत के बाद शव को गांव लाकर परिजनों की सहमति पर खेत में दफनाया गया था। सभी मांगें पूरी होने की जिद पर अड़े परिजनों ने बुधवार को समाधि स्थल पर धरना दिया था। गुरुवार को भी वह समाधिस्थल पर पहुंचे और कुछ देर रुकने के बाद लौट आए। शव दफनाए जाने के बाद मांगें पूरी न होने पर परिजनों ने मिट्टी से शव निकालने का अल्टीमेटम दिया था।

प्रशासनिक अधिकारियों ने समाधि को पक्का कराने की कोशिश की तो विरोध कर परिजनों ने निर्माण की ईंटें उखाड़कर फेंक दीं थी। इस अंदेशे पर कि परिजन कहीं शव को मिट्टी से बाहर न निकाल लें, एसपी ने समाधि स्थल के पास पुलिस का कड़ा पहरा लगाया था। तंबू तानकर पिछले तीन दिन से पुलिस कर्मी समाधि की सुरक्षा कर रहे हैं।

गुरुवार को भी प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिस बल पीड़िता के दरवाजे से लेकर दो किमी दूर समाधि स्थल तक भ्रमण करता रहा। पीड़िता के दरवाजे पर प्रभारी निरीक्षक मौरावां के साथ छह पुलिस कर्मी तैनात रहे। वहीं समाधि स्थल पर दो दरोगा, दो हेड कांस्टेबल, दो महिला सिपाही समेत 12 पुलिस कर्मी पहरा देते रहे। प्रभारी निरीक्षक बिहार भी पीड़िता के घर से समाधि स्थल तक सुरक्षा का जायजा लेते रहे।

दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को लेकर प्रशासन पूरी तरह संजीदा है। पीड़ित परिवार की सुरक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। गुरुवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुमेरपुर से महिला चिकित्सक डॉ. कीर्ति के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और पीड़िता के परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। स्वास्थ्य टीम के अनुसार सभी के स्वास्थ्य की स्थिति सामान्य मिली।

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