ममता के मंच से मोदी पर जुबानी हमला, जानें किस नेता क्या-क्या कहा !

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मोदी विरोधी महारैली हो रही है. इस रैली में शामिल होने के लिए 23 से अधिक पार्टियों के नेता पहुंचे हैं. ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि कोलकाता के ब्रिगेड मैदान पर होने वाली इस रैली में 40 लाख से ज्यादा लोग शिरकत कर रहे हैं. इसके लिए लोग शुक्रवार से ही कोलकाता पहुंचना शुरू हो गए हैं. कोलकाता में सड़क और मेट्रो सेवा के विशेष प्रबंध किए गए हैं. उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ बने समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन के बाद ममता बनर्जी की विपक्षी दलों की रैली और महत्वपूर्ण हो गई है.।

ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा- बीजेपी का काम दंगे फसाद करना है और हम वो काम नहीं होने देंगे. उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी को जीरो मिलेगा. एक सीट अहम नहीं बल्कि एक देश अहम है.मंच पर पूरा हिंदुस्तान दिख रहा है.

यशवंत सिन्हा
सबका साथ सबका विकास नहीं सबका विनाश किया मोदी सरकार का इरादा देश को तोड़ने का है । मोदी को हटाने के लिए हम सब यहां पर इकट्टा हुए।

फारुक अब्दुल्ला- देश में लोगों को बांटने का काम हो रहा है. हिन्दू-मुसलमानों को बांटने का काम किया जा रहा है. पूरे देश में आग लगी हुई है.।

इसे रोकने के लिए हमें कुर्बानी देनी होगी. इस कुर्बानी के लिए लोगों से पहले नेताओं को आगे आना होगा. आज जम्मू कश्मीर जिस हालत में है उसकी जिम्मेदार भी बीजेपी है.

मायावती
ममता बनर्जी की रैली पर मायावती ने कहा-हम सब एकजुट हैं।

जिग्नेश मेवाणी
किसान, मजदूर और दलितों का शोषण हो रहा है। देश को बचाने के लिए विपक्ष एकजुट
बीजेपी को सत्ता से हटाना है।

अभिषेक मनु सिंघवी
विरोध करने वाला देशद्रोही बन जाता हैं. इस रैली में शामिल होने के लिए कई दिग्गज नेता पहुंचे हैं. जिसमें पूर्व पीएम देवेगौड़ा, तीन मुख्यमंत्री- चंद्रबाबू नायडू, एचडी कुमारस्वामी और अरविंद केजरीवाल, 6 पूर्व मुख्यमंत्री- अखिलेश यादव, फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, बाबूलाल मरांडी, मायावती (उनके प्रतिनिधि सतीश मिश्रा हिस्सा लिया) और गेगांग अपांग और 5 पूर्व केंद्रीय मंत्री- शरद यादव, शरद पवार, यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और राम जेठमलानी हैं. इसके अलावा भाजपा के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी रैली में पहुंचे हैं।

चंद्रबाबू नायडू-आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ममता के मंच से बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पीएम ने कई वादे किए लेकिन कुछ भी पूरा नहीं हुआ. वो पब्लिसिटी पीएम हैं न कि परफॉर्मिंग पीएम. किसान परेशान हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे
खड़गे ने कहा कि सोनिया गांधी ने इस सभा के लिए एक संदेश भेजा है कि किसान से लेकर जवान तक, युवाओं को रोजगार से लेकर आर्थिक विकास के रास्ते पर सरकार विफल रही है.।

पीएम मोदी का काम समाज को तोड़ना है, वो बोलते हैं कि मैं न खाउंगा न खाने दूंगा, लेकिन इसके बावजूद वो अडानी, अंबानी को खिला रहे हैं. राफेल घोटाले में 30 हजार करोड़ का मुनाफा इन्होंने अंबानी को दिलाने का काम किया.।

शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा लोग मुझसे लोग सवाल करते हैं कि जब आप बीजेपी में हैं तो बीजेपी के खिलाफ क्यों बोलते हैं? क्या आप बागी हैं? तो मैं कहता हूं कि अगर अगर सच कहना बगावत है तो हां मैं बागी हूं.।

अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि पिछले पांच साल में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश का कबाड़ा कर दिया. आज देश का युवा परेशान है, उसके पास नौकरी नहीं है, पीएम मोदी ने नौकरी के नाम पर झूठ बोलकर धोखा दिया।

अखिलेश यादव
सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि जो बात बंगाल से चलेगी वो देश में दिखाई देगी, लोग सोचते थे कि हमारा गठबंधन नहीं होगा लेकिन गठबंधन हो गया. वो (भाजपा) कहते हैं कि विपक्ष के पास दूल्हे बहुत हैं, तो जनता जिसे चुनेगी वो ही पीएम बनेगा, लेकिन भाजपा बताए कि उनके पास विफल पीएम के अलावा किसका चेहरा है।

बीएसपी लीडर सतीश चंद्र मिश्रा
सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा केंद्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है. किसान, गरीब, मजदूरों और दलितों को परेशान किया है, करोड़ों लोगों को इनके कामों की वजह से बेरोजगार होना पड़ा है।

इसलिए ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना जरूरी है, इसके लिए विपक्ष को एक होना है और सपा-बसपा ने गठबंधन कर इसकी शुरुआत कर दी है।

इस रैली में कांग्रेस से लेकर  , नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनसीपी,   बीएसपी और टीडीपी, आम आदमी पार्टी समेत कम से कम 20 दलों के नेता, कई मुख्यमंत्री, कई पूर्व मुख्यमंत्री और दर्जनों पूर्व मंत्री ब्रिगेड के मैदान में अपनी लोकप्रियता का इम्तिहान देंगे. सबके निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे।

विपक्ष का ऐसा जमावड़ा 41 साल बाद देखने को मिलेगा. इससे पहले ज्योति बसु ने कांग्रेस को उखाड़ फेंकने के लिए 7 जून, 1977 को संयुक्त विपक्ष की मुट्ठी तान दी थी. इसके बाद इस ऐतिहासिक मैदान में उतने लोग कभी नहीं आए।

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