भक्तों के भाव के भूखे हैं भगवान:कथा व्यास

भक्तों के भाव के भूखे हैं भगवान:कथा व्यास

रिपोर्ट:हर्ष यादव


मुसाफिरखाना/अमेठी।भक्तों के दुखों को दूर करने एवं मानव कल्याण के लिए ही प्रभु अवतार लेते हैं।कोई कार्य बड़ा या छोटा नहीं है बल्कि उसे मनुष्य दृढ़संकल्प के साथ करे।उक्त बातें कथा व्यास पं०राम मिलन शुक्ल ने गाजनपुर गांव में आयोजित श्रीराम कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के समक्ष कही।
व्यास श्री शुक्ल ने कहा कि श्रीरामभक्त हनुमान ने जीवन में जितने बड़े कार्य किए वह सूक्ष्म रूप धारण कर ही किए।ऐसे ही मनुष्य अपने जीवन में छोटा बन कर ही सभी बड़े कार्य को कर सकता है। उन्होंने कहा कि हनुमान ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जो बल,बुद्धि व विद्या तीनों प्रदान करते हैं। कलियुग में हनुमानजी की भक्ति से ही मानव कल्याण संभव है।प्रभु श्रीराम धरती पर जितने भी लक्ष्य लेकर अवतरित हुए उसे हनुमान ने ही पूर्ण किया। प्रभु राम ने हनुमान से कुछ मांगने की इच्छा पूछी तो उन्होंने सिर्फ दोनों चरण कमल मांगा।कार्यक्रम में योगीराज दशरथ महराज ने भक्तों को अपना आशीर्वाद भेंट किया।समापन पर आयोजक हरिद्वार सिंह भाले सुल्तान ने व्यास पीठ की आरती उतारी।
उक्त अवसर पर शिव बालक सिंह,सुन्दरलाल तिवारी,शिवशंकर तिवारी,विजय किशोर तिवारी,सुरेश यादव बीडीसी,मोहित गुप्ता,सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।

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