रांची । झारखंड में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री का बेटा भी दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज में शामिल हुआ था। अब उसको प्रशासन ने क्वारंटाइन में भेज दिया है। हालांकि, मंत्री हाजी हुसैन अंसारी ने इस बात का खंडन किया है की उनका बेटा मरकज में शामिल हुआ था। झारखंड की राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी में मंगलवार को कोरोना वायरस की पॉजिटिव मरीज के पाये जाने के बाद बुधवार को दिल्ली के निजामुद्दीन के तबलीगी मरकज में शामिल हुए झारखंड के मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के बेटे को प्रशासन ने आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया है।
इसके साथ ही, बेटे की रिपोर्ट आने तक पिता को भी होम क्वारेंटाइन में भेजा गया। मंत्री हुसैन के बेटे अभी हाल ही में दिल्ली के तबलीगी मरकज में शामिल होकर वापस लौटे थे। झारखंड सरकार को स्पेशल ब्रांच ने तबलीगी मरकज में शामिल होकर सूबे में आने वाले जिन लोगों की लिस्ट सौंपी है, उसमें हाजी हुसैन के बेटे का नाम भी शामिल है। स्पेशल ब्रांच की लिस्ट के आधार पर देवघर पुलिस और प्रशासन ने मंत्री हुसैन के बेटे को आइसोलेशन वार्ड में भेजा है।
गौरतलब है कि रांची की स्पेशल ब्रांच ने 30 मार्च, 2020 को इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों और रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी, सभी एसपी (रेल सहित), स्पेशल ब्रांच के डीएसपी को मरकज से लौटे सभी 37 लोगों की लिस्ट भेजी थी। लिस्ट में निजामुद्दीन स्थित मरकज के धार्मिक सम्मेलन में शरीक होकर लौटे सभी लोगों के नाम, पता समेत मोबाइल नंबर भी स्पेशल ब्रांच ने बता दिये थे. पदाधिकारियों से आग्रह किया गया था कि इन सभी लोगों का सत्यापन करते हुए इनकी कोविड-19 संक्रमण की जांच करवायी जाये और अपेक्षित कार्रवाई की जाये।
स्पेशल ब्रांच ने अपने पत्र में यह भी कहा था कि हजरत निजामुद्दीन से लौटे कथित धर्म प्रचारकों में सबसे ज्यादा 9 लोग धनबाद से हैं. राजधानी रांची से 03, जमशेपुर, चतरा व देवघर से दो-दो लोग गये थे, जबकि लातेहार, कोडरमा, खूंटी, जामताड़ा, हजारीबाग, गुमला, गोड्डा, गिरिडीह, गढ़वा, दुमका, बोकारो, पाकुड़, पलामू, रामगढ़, साहेबगंज, सिमडेगा, सरायकेला खरसावां व पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक-एक व्यक्ति शामिल थे।
स्पेशल ब्रांच की ओर से सूची सौंपे जाने और मंगलवार को रांची के हिंदपीढ़ी में कोरोना वायरस की एक पॉजिटिव मरीज आने के बाद हरकत में आये पुलिस और प्रशासन ने मंत्री के बेटे को उनके आवास से लेकर स्थानीय अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया है। इसके साथ ही, दिल्ली से लौटने के बाद बेटे के साथ संपर्क में आने के संदेह में मंत्री हुसैन को रिपोर्ट आने तक होम क्वारेंटाइन में रखा गया है। इसके साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि दिल्ली के तबलीगी मरकज से वापस लौटने के बाद मंत्री के बेटे किन-किन लोगों से मुलाकात की और किन-किन लोगों के संपर्क में आए।
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