सवालों से इस्लामाबाद के सिक्योरिटी इंचार्ज के चेहरे पर झलकी नाराजगी

मैं यह जानना चाहता हूँ कि इस होटल में कितने नेटो और अमेरिकी सैनिक और अधिकारी ठहरे हुए हैं? क्या तालिबान के काबुल पर क़ब्ज़ा करने के बाद से आपके होटल में विदेशियों की आमद बढ़ी है?” इन सवालों से इस्लामाबाद के एक बड़े होटल के सिक्योरिटी इंचार्ज के चेहरे पर नाराज़गी झलक रही थी। 

उन्होंने बुरा सा मुँह बनाया और सवाल करने वाले पत्रकार से कहा, “आप जितनी भी जानकारी जानना चाहते हैं, उससे पहले मैं आपके सभी डेटा की जाँच करूँगा कि आप यह सब क्यों जानना चाहते हैं। हम नहीं जानते कि आप पत्रकार हैं या कोई और।” 

जब हम सोमवार को इस्लामाबाद के सेरेना होटल पहुँचे, तो होटल प्रबंधन ने इन शब्दों के साथ अभिवादन किया। काबुल धमाकों के बाद, इस्लामाबाद के ज़िला प्रशासन ने सभी निजी होटलों को बुकिंग करने से रोक दिया था, ताकि अफगानिस्तान से निकासी के दौरान लाए गए विदेशियों को वहाँ ठहराया जा सके। 

 

विदेशी सैनिकों के होटल में रुकने की वजह से सुरक्षा पहले के मुक़़ाबले कड़ी कर दी गई है, और कुछ अनजान लोग भी लॉबी और कॉरिडोर में सोफ़े पर बैठे नज़र आ रहे हैं जो कुछ देर बाद बदलते रहते हैं। 

 

हालाँकि गृह मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक़ अफगानिस्तान से एक भी अमेरिकी सैनिक पाकिस्तान नहीं आया। 

याद रहे है कि पिछले कुछ दिनों से इस्लामाबाद एयरपोर्ट और होटल में विदेशी सैनिकों की मौजूदगी की तस्वीरें पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। 

हालाँकि, कुछ अन्य यूज़र्स ने कहा है कि इन सैनिकों की वर्दी अमेरिकी सैनिकों की वर्दी से अलग है, इसलिए यह ज़रूरी नहीं है कि ये सैनिक अमेरिकी ही हों। 

संघीय गृह मंत्री के अनुसार इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर एफ़आईए के इमिग्रेशन रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक 1627 लोग अफगानिस्तान से पाकिस्तान आ चुके हैं, जबकि क़रीब 700 विदेशी इस समय इस्लामाबाद एयरपोर्ट के अंदर ही मौजूद हैं और उन्होंने अपना इमिग्रेशन नहीं कराया है।

 

उन्होंने कहा, “अगर अमेरिकी सैनिक पाकिस्तान आते, तो अमेरिकी दूतावास के अधिकारी विदेश मंत्रालय से ज़रूर संपर्क करते और विदेश मंत्रालय के अधिकारी सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में गृह मंत्रालय को जानकारी देते।”

 

लेकिन, उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि इस्लामाबाद में क़रीब साढ़े तीन हज़ार विदेशियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

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