डेस्क। पैगम्बर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वाली भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा का समर्थन करना एक युवक को बहुत महँगा पड़ गया है। नूपुर का समर्थन करने के लिए उसे 16 दिन की जेल तक हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई से सटे भिवंडी निवासी साद अशफाक अंसारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखते हुए विवादों में घिरीं नूपुर शर्मा को बहादुर बताया था। इस पोस्ट को लेकर लोगों ने उसका विरोध शुरू कर दिया जिसके बाद पुलिस हलचल में आई और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जिसके बाद साद अंसारी नाम के इस युवक को बीते 27 जून को जमानत मिल पाई।
बता दें कि साद अंसारी ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखते हुए नूपुर शर्मा को एक बहादुर लड़की बताया था। पोस्ट के वायरल होने पर साद के घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। एक विशेष समुदाय के लोग साद पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे थे। जिसको देखते हुए पुलिस ने मामले पर गंभीर होते हुए साद अंसारी पर केस दर्ज किया और उसे जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, साद मैनेजमेंट स्टडीज का छात्र है वो भिवंडी के केसरबाग इलाके का रहने वाला है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर साद 18 जून तक पुलिस की हिरासत में रहा; जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार साद ने 20 जून को जमानत याचिका डाली थी पर भिवंडी में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने उसे खारिज कर दिया था। तो साद ने ठाणे सत्र अदालत में एक जमानत याचिका दी जिसके बाद उसे 27 जून को जमानत दे दी गई।
एआप जानते ही होंगे कि एक जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई। अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नूपुर शर्मा के बयान ने देश भर में लोगों की भावनाओं को नफरत से भर दिया। देश में आज जो कुछ हो रहा है, उसके लिए वो ही जिम्मेदार हैं।
कोर्ट की टिप्पणी आने के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा, “सत्ता में बैठे दल (भाजपा) को अपना सिर शर्म से झुका लेना चाहिए।”
इसी के साथ कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कहा, “देश में ऐसा माहौल सत्ताधारी सरकार ने बना रखा है। इसे एक व्यक्ति(नूपुर शर्मा) की टिप्पणी ने नहीं बनाया बल्कि इसके लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, बीजेपी और आरएसएस भी जिम्मेदार हैं।
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