मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद मुख्यमंत्री पद और मंत्री पदों के बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना में चल रही खींचतान चरम पर पहुंच गया है। उनके नेता एक-दूसरे के खिलाफ जुबानी जंग लड़ रहे हैं। कांग्रेस और एनसीपी ने विपक्ष में बैठने की घोषणा कर दी है।
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-केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया(अठावले) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने कहा है कि अगर भाजपा-शिवसेना सरकार बनाने में फेल होती है तो वह एनसीपी को साथ लाने के लिए शरद पवार से बात करेंगे। मुख्यमंत्री भाजपा का ही होना चाहिए।
- भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने चन्द्रपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि 5 साल तक हमने संयम से युति की सरकार चलाई, लेकिन अब कुछ लोगों को राई (सरसो) का पहाड़ नहीं राई के फोटो का पहाड़ बनाना है तो क्या करें? आपको बताते जाए संजय राऊत ने कहा था कि राष्ट्रपति क्या भाजपा की जेब में है। जो महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा।
-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि महाराष्ट्र में किसी के साथ सरकार बनाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।
-महाराष्ट्र कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद हुसैन दलवई ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने पर चिट्ठी लिखी दी है। हुसैन दलवई ने सोनिया गांधी से अपील की है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), कांग्रेस और शिवसेना को मिलकर सरकार गठन करना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि जहां महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी में सरकार गठन पर सहमति नहीं बन पा रही है, ऐसे में कांग्रेस, अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, गठबंधन में हमारी सहयोगी एनसीपी और शिवसेना साथ मिलकर सरकार बनाएं।
इस पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में सहयोगी भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले बोलते हुए लिखा है कि वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार का राष्ट्रपति शासन की धमकी देना जनादेश का अपमान है।
सामना में लिखा कि महाराष्ट्र की राजनीति फिलहाल एक मजेदार शोभायात्रा बनकर रह गई है। शिवराय के महाराष्ट्र में ऐसी मजेदार शोभायात्रा होगी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? वर्तमान झमेला ‘शिवशाही’ नहीं है। राज्य की सरकार तो नहीं लेकिन विदा होती सरकार के बुझे हुए जुगनू रोज नए मजाक करके महाराष्ट्र को कठिनाई में डालने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
धमकी और जांच एजेंसियों की जोर-जबरदस्ती का कुछ परिणाम न हो पाने से विदा होती सरकार के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने नई धमकी का शिगूफा छोड़ दिया है। 7 नवंबर तक सत्ता का पेंच हल नहीं होने पर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाएगा।
आगे लिखा है कि मुनगंटीवार और उनकी पार्टी के मन में कौन-सा जहर उबाल मार रहा है, ये इस वक्तव्य से समझा जा सकता है। कानून और संविधान का अभ्यास कम हो तो ये होता ही है । एक तो राष्ट्रपति हमारी मुट्ठी में हैं या राष्ट्रपति की मुहरवाला रबर स्टैंप राज्य के भाजपा कार्यालय में ही रखा हुआ है तथा हमारा शासन नहीं आया तो स्टैंप का प्रयोग करके महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन का आपातकाल लाद सकते हैं, इस धमकी का जनता ये अर्थ समझे क्या?’
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