एकनाथ शिंदे का राजनीतिक सौदा: क्या है पूरा खेल?

एकनाथ शिंदे का राजनीतिक सौदा: क्या है पूरा खेल?

क्या आप जानना चाहते हैं कि महाराष्ट्र की सत्ता में हुए हालिया घटनाक्रमों के पीछे क्या राज है? एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री पद से हटने के पीछे क्या कारण हैं? क्या सचमुच में यह कोई समझौता था? आइए जानते हैं इस रोमांचक राजनीतिक घटनाक्रम की पूरी कहानी!

एकनाथ शिंदे ने क्यों छोड़ा सीएम पद?

एकनाथ शिंदे ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ऐलान किया है कि उन्हें भाजपा का मुख्यमंत्री उम्मीदवार मंज़ूर है. पर इस फैसले में चार दिनों का विलंब क्या दर्शाता है? क्या इस दौरान कोई मोलभाव हुआ होगा?

शिंदे के समर्थक खुलकर उनकी मुख्यमंत्री बनने की मांग कर रहे थे, लेकिन आखिरकार उन्होंने खुद ही घोषणा कर दी कि वे महाराष्ट्र के विकास के लिए कोई भी भूमिका निभाने को तैयार हैं. उनके बयान से साफ है कि उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत की है, और उन्हें जो भी फैसला मंज़ूर है.

शिंदे के सामने क्या-क्या विकल्प थे?

1. बेटे को उपमुख्यमंत्री और खुद को महायुति सरकार का संयोजक:

माना जा रहा है कि शिंदे अपने बेटे श्रीकांत शिंदे को उपमुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं. श्रीकांत शिंदे कल्याण से लोकसभा सदस्य हैं. इसके अलावा, शिंदे महायुति सरकार का संयोजक बनना चाहते थे क्योंकि चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा गया था.

2. महत्वपूर्ण मंत्रालय:

यदि शिंदे मुख्यमंत्री नहीं बनते, तो वे एक महत्वपूर्ण पद की तलाश में हैं जो मुख्यमंत्री के पद के समकक्ष हो. इसके लिए ‘महायुति संयोजक’ जैसा पद भी विचार में हो सकता है. एक अन्य विकल्प के रूप में वे गृह मंत्रालय चाहते हैं, जो महाराष्ट्र में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली मंत्रालय है. अन्य मलाईदार मंत्रालयों को उनके समर्थकों के लिए सुरक्षित करने का प्रयास भी किया जा सकता है.

3. बीएमसी का नियंत्रण:

मुंबई नगर निगम (बीएमसी) का बजट और प्रभाव राज्य सरकार से भी कम नहीं होता. बीएमसी पर शासन करने वाले को ही असली ‘मुंबई का राजा’ माना जाता है. बीएमसी पर नियंत्रण हासिल करने की संभावना इस समझौते में हो सकती है.

4. केंद्रीय मंत्रालय:

शिंदे को शिवराज सिंह चौहान की तरह केंद्र में एक महत्वपूर्ण मंत्रालय मिल सकता है, जिस तरह से शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के बदले केंद्रीय मंत्रालय दिया गया था.

निष्कर्ष

एकनाथ शिंदे के सीएम पद को छोड़ने का निर्णय एक राजनीतिक सौदेबाजी का नतीजा हो सकता है. इसके बदले उन्हें कई अन्य महत्वपूर्ण पदों और लाभों का आश्वासन मिल सकता है. क्या यह सौदा उनको लंबे समय तक राजनीतिक लाभ दिला पाएगा, यह तो समय ही बताएगा. हालांकि, ये घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ लाएंगे और आने वाले चुनावों पर इसका प्रभाव पड़ेगा.

मुख्य बातें:

  • एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री पद से हटने का कारण राजनीतिक सौदेबाजी हो सकती है.
  • शिंदे के समर्थकों को भी मंत्रालयों में हिस्सेदारी मिल सकती है.
  • भाजपा और शिंदे के बीच सहयोग जारी रहेगा.
  • बीएमसी का नियंत्रण और केंद्रीय मंत्रालय भी संभवतः शिंदे को मिल सकता है.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *