लखनऊ। योगी सरकार भ्रष्ट अधिकारियों के बाद अब संवेदनहीन अफसरों को भी बख्शने के मूड में नहीं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्भल और प्रतापगढ़ के एसपी को निलंबित कर इसकी शुरुआत कर दी। दोनों अफसरों को महिलाओं के साथ हुए अत्याचार में पीड़ितों की मदद न करने के आरोप में सस्पेंड किया गया। अब सरकार उन सभी अफसरों की सूची बनवा रही है, जो काम में लापरवाही बरत रहे हैं। इन पर जल्द ऐक्शन शुरू होगा।
सीएम योगी को अब जिलों से सीधे शिकायतें मिल रही हैं। उन्हें सोमवार को सूचना मिली कि सम्भल में सामूहिक बलात्कार के बाद महिला को जिंदा जला दिए जाने के मामले में जिले के एसपी राधे मोहन भारद्वाज कोई ऐक्शन ही नहीं ले रहे हैं। यही शिकायत प्रतापगढ़ के कुंडा में एक किशोरी के छेड़खानी से परेशान होकर फांसी लगा लेने के मामले में भी सामने आई। पता चला कि यहां के एसपी संतोष कुमार भी कुछ नहीं कर रहे हैं। इसके बाद योगी ने सीधे दोनों को निलंबित कर दिया।
इससे पहले जून में फतेहपुर के डीएम प्रशांत कुमार और गोंडा के डीएम जेबी सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं। आरोप है कि दोनों डीएम अवैध खनन माफिया से मघ्लिे हुए थे। जिले में अवैध खनन और अनाज वितरण में भी लापरवाही सामने आई थी। सीएम योगी को पता चला तो उन्होंने दोनों डीएम को सस्पेंड कर दिया। गेहूं खरीद में भी धांधली मिलने के बाद 100 से ज्यादा लोगों को सरकार ने सस्पेंड कर दिया और इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी।
सीएम दफ्तर को जिलों में शिक्षा विभाग में गलत भुगतान और फर्जी नियुक्तियों की शिकायत मिल रही थी। सीएम को सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल अलग-अलग जिलों में 20 डीआईओएस और बीएसए को सस्पेंड कर दिया। मथुरा फर्जी भर्ती के मामले में भी डीआईओएस पर ऐक्शन लिया गया। मामले की जांच एसटीएफ को दे दी गई। कई बाबुओं की मिलीभगत सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज करवा दी गई।
सरकार इससे पहले वन निगम के एमडी एसके शर्मा को बिना अनुमति के वन क्षेत्र में खनन के टेंडर का विज्ञापन करने पर उनको पद से हटा चुकी है। इसी मामले में एएमडी मनोज सिन्हा और लॉगिन मैनेजर जीसी सिन्हा को सस्पेंड कर दिया गया था। इन तीनों पर यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई। वहीं, कन्नौज में गंगा से बालू के अवैध खनन की शिकायत पर सीएम दफ्तर ने भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक डॉ रोशन जैकब को जांच करवाने के निर्देश दिए। जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप सही मिलने पर निदेशक ने कन्नौज के खान निरीक्षक मोहम्मद एजाज को सस्पेंड कर दिया।
अब सरकार जिलों में जनता की शिकायतें दूर न कर पाने वाले लापरवाह अफसरों की सूची तैयार कर रही है। इन पर जल्द ही ऐक्शन लिया जाएगा। इससे पहले सरकार ने जिलों और विभागों में लापरवाह और भ्रष्ट अफसरों की सूची तैयार करवाई थी। सरकार ने ऐसे 450 अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी। यूपी सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया, श्अब अफसरों को वक्घ्त नहीं दघ्यिा जा सकता। अब अगर डीएम और एसपी की लापरवाही भी सामने आएगी तो उन्घ्हें भी बख्घ्शा नहीं जाएगा। ऐक्घ्शन शुरू हो चुका है।
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