कर्मचारी देयक के नाम पर पाण्डेय शिक्षा समिति ने किया करोड़ों का घोटाला

लोकेशन जयसिंह नगर/सीधी

रिपोर्टर दीपक कुमार गर्ग

शहडोल जिले के जयसिंहनगर ,में पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा कई आदिवासी आवाशीय विद्यालय संचालित कर रखा है जिसमे से कई बिद्यालयो को आयुक्त जनजाति कल्याण विभाग द्वारा शासकीय विद्यालय में शासनाधीन कर दिया है जिसमे जयसिंह नगर अंतर्गत सीधी में संचालित पाण्डेय शिक्षा समिति का विद्यालय भी वर्ष 2010 में शासकीय विद्यालय में समल्लित हो गया विद्यालय को शासकीय विद्यालय में सम्मलित करने के तत्काल बाद विद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के बकाया पांचवे वेतनमान के लंबित एरियर्स भुगतान हेतु आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग मध्य प्रदेश को पत्राचार किया गया उक्त पत्रों को आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग मध्य प्रदेश द्वारा दिनांक 06/03/21 को बजट क्रमांक 0671/20 21 के तहत 8करोड़ 32लाख 91हजार 309 रुपए बकाया एरियर्स भुगतान हेतु राशि जारी की गई लेकिन जिन 45 कार्यरत कर्मचारियों को बकाया भुगतान करना था उन्हे उनके बकाया राशि का अंश भाग का ही भुगतान किया गया जब कर्मचारियों द्वारा देयक पत्रक की मांग की गई तो संकुल प्राचार्य द्वारा सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शहडोल से सूचना के अधिकार के तहत आवेदन कर जानकारी प्राप्त करने को कहा गया

जब आवेदक शिवनारायण सांधे अध्यापक द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6,1के तहत जानकारी मांगी तो आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शहडोल द्वारा आवेदक को ऑन लाइन के माध्यम से 8 पृष्ठों की जानकारी के छाया प्रति का शुल्क 16 रुपए जमा कर जानकारी प्राप्त करने को कहा गया आवेदक द्वारा04/08/21 को 16 रुपए शासकीय कोषालय में जमा कर रशीद जनजातीय कार्य विभाग शहडोल को सूचित कर देता है पुनः जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आवेदक को गुमराह करते हुए निर्देशित किया गया की आपके द्वारा जो महत्वपूर्ण अभिलेख उपलब्ध कराने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया है है वह दस्तावेज प्राचार्य आवासीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीधी से प्राप्त कर सकते हैं जबकि प्राचार्य द्वारा बताया गया की उनके कार्यालय में देयक संबंधित कोई भी दस्तावेज संधारित नही है जिससे साफ जाहिर होता है की आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शहडोल एवम पाण्डेय शिक्षा समिति के द्वारा कर्मचारियों के लिए जारी राशि को बंदरबाट करने में कोई कसर नही छोड़ी तभी तो प्रभावी एवम जनहितकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्रदाय किए जाने वाले अभिलेखों को प्रदाय करने में जनजातीय कार्य विभाग के भी पसीने छूट गए एवम पाण्डेय शिक्षा समिति द्वारा दी गई चंद रुपयों के एवज में सूचना के अधिकार अधिनियम की भी धज्जियां उड़ा दिया अब देखना होगा की जांच की आंच कहा तक पहुंचती हैं कौन कौन है जो कर्मचारियों के हितों में कुंडली मार कर बैठे हैं

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