अमेरिका:- अमेरिका में गर्भपात को लेकर हंगामा मचा है। सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिका में 50 साल से चल रहे गर्भपात के कानून को अवैध बताया है और कहा है कि गर्भपात करवाना अब संवैधानिक परिध से बाहर है। कोर्ट के इस फैसले ने अमेरिका में विद्रोह छेड़ दिया है। लोग सड़कों पर हंगामा काटा रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कोर्ट के इस फैसले की निंदा की है और कहा है कि इससे महिलाओं का स्वास्थ्य प्रभावित होगा।
क्योंकि कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अबॉर्शन करवाना संवैधानिक अधिकार नहीं है और यह अवैध है। कोर्ट के फैसले के बाद अब सभी राज्य अलग अलग तरह से अबॉर्शन को लेकर नियम बना सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि अमेरिका के दक्षिणी और मध्य पश्चिमी राज्यो में अबॉर्शन को लेकर नए नियम कानून बन सकते हैं। वही कुछ राज्य अमेरिका के ऐसे भी है जहाँ इससे छूट मिल सकती है।
कोर्ट का यह फैसला जैसे ही ऑनलाइन पोस्ट हुआ अमेरिका के लोग सड़कों पर उतर आए। मानवाधिकार की जानकारी रखने वाले लोगो ने सड़को पर हंगामा काटना शुरू कर दिया। लोगो का कहना है कि कोर्ट का यह फैसला उनकी पूरी लाइफस्टाइल को बदल कर रख देगा। क्योंकि कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका में गर्भपात पर पूरी तरह बैन लगा दिया जाएगा। यह महिलाओं के लिए काफी बड़ी समस्या साबित हो सकता है और अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग कर सकती है जो काफी खतरनाक है।
कोर्ट के विरोध में खड़े मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कोर्ट का यह फैसला महिलाओं की स्वतंत्रता, उनकी समझ, उनके प्रति लोगो का परिदृश्य और उनके अधिकारों को बदल कर रख देगा। वही उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का कही न कही शोषण होगा। क्योंकि अमेरिका में अबॉर्शन का संवैधानिक दर्जा छीन लिया गया है। जो महिलाओ के साथ अनन्या है। अमेरिका में महिलाएं सड़क पर उतरी है वह गर्भपात कानून की मांग कर रही है। उनका कहना है 1973 में आए रो बनाम बेड के फैसले को बनाए रखना चाहिए। क्योंकि यह महिलाओं को उनकी इच्छा से बच्चा पैदा करने और गर्भपात करवाने का अधिकार देता था।
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