डेस्क। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ एक्शन में और तेजी आने जा रही है। साथ ही राजौरी जिले में हाल में हुए आतंकी हमले में 6 लोगों की मौत भी हो गई है। वहीं इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने जम्मू-कश्मीर में 18 अतिरिक्त कंपनियां भेजने का फैसला भी किया है।
इसी के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज करने के लिए 1800 अतिरिक्त सैनिकों को बड़े पैमाने पर पुंछ और राजौरी जिलों में तैनात भी किया जाएगा। और जानकारी के अनुसार, 9 कंपनियां पहले ही राजौरी पहुंच भी चुकी हैं और बाकी सैनिक आज रात तक पहुंच भी जाएंगे।
यह बताया जाता है कि सुरक्षाबल पीर पंजाल रेंज के दक्षिण में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने वाले हैं। राजौरी जिले में कुछ घंटों के भीतर ही 2 आतंकवादी हमले भी हुए थे और इनमें छह लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य के घायल होने की भी खबर है।
राजौरी जिले के उस गांव में बीते दिनों एक आईईडी विस्फोट में दो चचेरे भाई-बहन की मौत हो गई, और 14 घंटे पहले ही आतंकवादियों ने चार लोगों को गोली मार कर हत्या कर दी थी। वहीं स्थानीय लोगों ने यह दावा किया कि आतंकवादियों ने आईईडी रविवार को लगाया था और रविवार शाम गोलीबारी के बाद इलाके की घेराबंदी करने वाली पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा जांच किए जाने के दौरान विस्फोटक का पता नहीं चल पाया था।
इस कड़ी में डीजीपी दिलबाग सिंह ने घोषणा की है कि ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) को हथियारों से फिर से लैस किया जाएगा और कुछ प्रदर्शनकारी नेताओं और स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि यदि अधिकारियों ने वीडीसी के हथियार वापस नहीं लिए होते तो घटना टाली भी जा सकती थी। तो वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू कश्मीर इकाई के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानपरिषद सदस्य विबोध गुप्ता ने आरोप लगाया कि वीडीसी की 60 प्रतिशत बंदूकें ही वापस ले ली गई हैं।
Leave a Reply