बेंगलुरु आईटी इंजीनियर की आत्महत्या: क्या दहेज़ प्रताड़ना ने ली ज़िंदगी?
एक सनसनीखेज घटना में, बेंगलुरु में काम करने वाले आईटी इंजीनियर अतुल सुभाष ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. उनके 24 पन्नों के सुसाइड नोट और 81 मिनट के वीडियो ने एक दिल दहला देने वाली कहानी सामने रखी है. क्या अतुल पर दहेज़ के चलते लगातार हो रहे प्रताड़ना का यह नतीजा है? आइये जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी।
अतुल पर दर्ज थे कई मुक़दमे
अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ़ कई मुक़दमे दर्ज करवाए थे। ये मुक़दमे दहेज़ प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और भरण-पोषण से जुड़े थे। जौनपुर की अदालतों में ये मुक़दमे लंबित थे जिसके चलते अतुल को बार-बार बेंगलुरु से जौनपुर आना पड़ता था। ये लगातार कोर्ट के चक्कर अतुल के लिए मानसिक तौर पर बहुत ज्यादा तकलीफदेह साबित हो रहे थे।
जौनपुर और इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुक़दमे
अतुल पर जौनपुर के अलग-अलग कोर्ट में तीन मामले दर्ज थे:
- पहला केस: दहेज़ प्रताड़ना और मारपीट का केस, एसीजीएम जौनपुर की अदालत में।
- दूसरा केस: घरेलू हिंसा का केस जो एक बार खारिज हो चुका था, मगर दोबारा दर्ज हुआ।
- तीसरा केस: भरण पोषण का केस, जिसमें 29 जुलाई 2024 को अतुल को अपने बेटे के भरण पोषण के लिए 40,000 रुपये मासिक देने का आदेश दिया गया था।
इसके अलावा, इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी अतुल ने जौनपुर में दर्ज दहेज़ केस के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की थी। निकिता ने अपने भरण-पोषण के लिए भी हाई कोर्ट में याचिका दायर की हुई थी, क्योंकि लोअर कोर्ट ने सिर्फ उनके बेटे के भरण-पोषण का आदेश दिया था। हाईकोर्ट द्वारा मुकदमों का निपटारा जल्दी से करने का भी निर्देश दिया गया था पर यह भी उनकी परेशानियों को कम नहीं कर पा रहा था।
अतुल का सुसाइड नोट: एक दर्दनाक सच्चाई
अतुल के सुसाइड नोट ने पूरी घटना पर एक अलग ही परत डाल दी है। 24 पन्नों के इस नोट में और 81 मिनट के वीडियो में उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति का बयां किया। उन्होंने नोट में लिखा है कि कैसे यह कानूनी प्रक्रिया उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर रही थी, उनपर दबाव बन रहा था, और कैसे ये सिस्टम उनके पैसे से ही चलता है जो उनके लिए बहुत परेशानी का कारण बन रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वह लगातार कोर्ट और पुलिस के चक्कर लगाने से तंग आ चुके थे।
क्या था सच?
अतुल सुभाष के आत्महत्या के मामले में कई सवाल उठते हैं। क्या यह दहेज प्रताड़ना का एक भयावह परिणाम था? या और कोई कारण भी है? पुलिस द्वारा जारी जांच में सच्चाई का खुलासा होना बाकी है। यह मामला दहेज़ प्रथा की गंभीर समस्या पर भी प्रकाश डालता है, और समाज में बढ़ते दबावों की चुनौती पर गौर करने का आह्वान करता है।
टेक अवे पॉइंट्स:
- अतुल सुभाष की आत्महत्या एक सनसनीखेज घटना है, जिसने दहेज़ प्रताड़ना और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल उठाए हैं।
- अतुल के खिलाफ़ दहेज़, घरेलू हिंसा और भरण-पोषण के कई केस चल रहे थे।
- उनके 24 पन्नों के सुसाइड नोट और 81 मिनट का वीडियो उनके मानसिक संकट का खुलासा करते हैं।
- इस घटना से यह भी सवाल उठता है की क्या कोर्ट की प्रक्रिया सही तरह से अपनाई जा रही है?
- जाँच में सामने आए तथ्य से कई बड़ी समस्याओ की तरफ भी इशारा किया गया है।

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