डेस्क। रूस और यूक्रेन में जारी विवाद के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव को मिलने का समय दिया। यह मुलाकात भले ही रूस और भारत के बीच हुई एक अंतरराष्ट्रीय आम बैठक थी, पर इसका असर इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में जोरो से देखने को मिल रहा है। इस बैठक ने एक ओर अमेरिका समेत सभी पश्चिमी देशों को स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपने पुराने मित्र रूस के साथ खड़ा है।
बता दें कि रूस-यूक्रेन मामले में संयुक्त राष्ट्र में भारत के रुख के बाद से ही अमेरिका समेत कई पश्चिमी देश भारत पर दबाव बना रहें हैं।
पश्चिमी देश इस कोशिश में भी लगे हैं कि भारत रूस से तेल की खरीद को नहीं बढ़ाए। बता दें यूरोपीय देशों द्वारा रूस के समान के बहिष्कार के बाद रूस में तेल की उपलब्धता बढ़ेगी, इसलिए इसे वह भारत एवं चीन को अधिक मात्रा में बेच सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई से करीब 40 मिनट बातचीत की। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पिछले एक पखवाड़े में करीब आधा दर्जन देशों के विदेश मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी भारत दौरे पर थे लेकिन पीएम ने उनमें से किसी को भी मिलने का समय नहीं दिया।
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