रक्षा उत्पादन में मिलेगा निजी क्षेत्र को बढ़ावा, बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर

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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार 2018 में उद्योग अनुकूल रक्षा उत्पादन नीति लाने जा रही है। जिसके जरिए सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और एमएसएमई (लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योग) द्वारा घरेलू उत्पादन को बढावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “जब एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार सत्ता में आई तब रक्षा बलों की क्षमता को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए काफी जोर दिया गया।

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हमारी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए देश को आत्मनिर्भर बनाने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पर्याप्त बजट समर्थन सुनिश्चित करने में सक्षम आंतरिक सुरक्षा उत्पादन को विकसित और पोषण करने के लिए कई पहलें की गई हैं।” उन्होंने कहा, “रक्षा उत्पादन में हमने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को उदार बनाने समेत निजी निवेश को मंजूरी दी है।”

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में अपने बजट संबोधन में कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अरुणाचल प्रदेश में सेला दर्रा के तहत एक सुरंग का निर्माण किया जाएगा। सेला दर्रा अरुणाचल प्रदेश के तवांग और पश्चिम कामेंग जिलों के बीच सीमा पर स्थित एक बेहद ऊंचा पर्वतीय दर्रा है, जिसे चीन दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है। जेटली ने कहा कि जोजिला दर्रा के पास 14 किलोमीटर लंबे सुरंग का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया। करीब डेढ़ घंटे के अपने भाषण में वित्त मंत्री ने समाज के हर तबके लिए कुछ ना कुछ घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री के भाषण के फौरन बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने इस बजट को ‘न्यू इंडिया’ और लोगों का जीवन स्तर सुधारने वाला बजट बताया है। उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली और उनकी पूरी टीम को इस दूरदर्शी बजट के लिए बधाई दी है।

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