फतेहपुर । सड़क पर चलने का टैक्स देने का मतलब यह है कि फर्राटा सफर में सड़क की खामी कहीं आड़े न आए। बांदा-टांडा मार्ग में जल्दबाजी पर टोल प्लाजा तो संचालित कर दिया गया है, लेकिन कई जगह खस्ताहाल सड़क को सही करने की जरूरत नहीं समझी गई। टैक्स अदा कर सड़क से निकलने वाले वाहन चालकों का कहना है कि टोल मार्ग में जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह तो हैं ही नहीं। जगह-जगह टूटी सड़क सफर को जोखिम बना रही है।
बांदा-टांडा मार्ग के दसवां मील के पास रविवार से टोल प्लाजा का संचालन कर दिया गया है। निकलने वाले वाहनों से 65 रुपये से लेकर 600 रुपये का टैक्स लिया जा रहा है। जीटी रोड कोराई मोड से शाह तक बने बाईपास में जखनी के पास सड़क पूरी तरह से उखड़ी हुई है। साइड मार्ग धंस जाने से मौरंग व गिट्टी लदे ट्रक आए दिन फंसते रहते है। इधर शहर के अंदर से निकले बाईपास में नई तहसील से लेकर राधानगर तक सड़क के जानलेवा गड्ढे फर्राटा सफर को मुंह चिढ़ा रहे है। मंडी समिति के पास रेल गलियारा के निर्माण के कारण वाहनों के निकलने के जो बाईपास बनाया गया है ।
वह भी टूटा व उखड़ा हुआ है जिससे वाहनों के निकलने में जाम की स्थिति बनी रहती है। जिला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. अतुल त्रिवेदी ने कहा कि टोल प्लाजा के संचालन के पहले सड़क को दुरुस्त कराना चाहिए। भारी वाहन टूटी व उखड़ी सड़क में फंसते रहते है। ऐसे में टोल टैक्स देने पर भी चालकों को गुणवत्ता वाली सड़क व अन्य सुविधाएं मिलने चाहिए।
जिले के वाहनों का आधा टैक्स माफ
जिले के अंदर ही वाहनों की आवाजाही पर भारी टैक्स का विरोध कई संगठनों ने किया है। टोल मैनेजर आशुतोष ने कहा कि टोल से दस किलोमीटर के दायरे में मासिक पास मात्र 255 रुपया में दिया जाएगा। इसके अलावा जिले के नंबर यूपी – 71 की जितनी भी गाड़ी निकलेगी उनसे निर्धारित से आधा टैक्स लिया जाएगा। क्षतिग्रस्त सड़क को दुरुस्त करने के लिए राज मार्ग प्राधिकरण को पत्र भी लिखा जाएगा।
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