डेस्क। इंफोसिस के सीईओ, सलिल पारेख को उनकी पुनर्नियुक्ति के बाद 79.75 करोड़ रुपये का वेतन दिया जाएगा, जो उनके पिछले 5 साल के कार्यकाल के वेतन से 88 प्रतिशत से भी अधिक है।
भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी इंफोसिस लिमिटेड के बोर्ड ने रविवार को सलिल पारेख को अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) के रूप में 1 जुलाई, 2022 से शुरू होने वाले पांच साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने का फैसला किया था। जो मार्च 2027 को समाप्त। इंफोसिस के सीईओ, सलिल पारेख को प्रति वर्ष 79.75 करोड़ का भुगतान किया जाएगा, जब शेयरधारकों ने उनकी 5 साल की अवधि की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी, जिससे वह देश में सबसे अधिक वेतन पाने वाले अधिकारियों में से एक बन गए। 2021-22 में उनको 71 करोड़ रुपये का वेतन दिया गया था, जो कि 2020-21 में 49.68 करोड़ रुपये से लगभग 43 प्रतिशत की छलांग है। पर अब आने वाले सालों में यह पूरे 88 प्रतिशत की छलांग लगाएगा।
बढ़ोतरी की घोषणा पारेख को पांच और वर्षों के लिए प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में फिर से नियुक्त करने के कुछ दिनों बाद आई है, जो 1 जुलाई से एक औपचारिक रूप से कार्य संभालेंगे। बता दें कि सलिल वो व्यक्ति हैं जिसने कंपनी को बदल दिया और स्थिरता बहाल कर दी।
इन्फोसिस इतना भुगतान क्यों कर रही है?
इंफोसिस ने कहा कि सीईओ के वेतन की औसत पारिश्रमिक से किसी भी तरह की तुलना को कंपनी के मजबूत प्रदर्शन और स्टॉक मूल्य वृद्धि के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। फर्म ने कहा कि उन्होंने अपनी पुनर्नियुक्ति और पारिश्रमिक में बदलाव की सिफारिश करते हुए कुल शेयरधारक रिटर्न, मार्केट कैप में वृद्धि और विकास जैसे प्रमुख कारकों पर विचार किया था।
“उनके नेतृत्व में कुल शेयरधारक रिटर्न (टीएसआर) 314 प्रतिशत प्रभावशाली था। राजस्व 70,522 करोड़ रुपये (वित्तीय 2018) से बढ़कर 1,21,641 करोड़ रुपये (वित्तीय 2022) हो गया है और मुनाफा भी 16,029 रुपये से बढ़कर 22,110 करोड़ रुपये हो गया है। फर्म ने ऐसे कई कारणों का हवाला दिया।
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