शाहजहांपुर । छात्रा के आरोपों से घिरे बीजेपी नेता और पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को एक सोशल साइट पर वीडियो से ली गईं स्वामी चिन्मयानंद की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल कीं। इसमें स्वामी एक छात्रा से मसाज करवा रहे हैं। वीडियो वर्ष 2014 का बताया जा रहा है।
एसएस लॉ कॉलेज की एलएलएम की छात्रा ने स्वामी पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच यूपी सरकार की ओर से गठित एसआईटी कर रही है।
इस दौरान स्वामी की वीडियो फोटो सामने आई, जिसमें एक छात्रा उनकी मसाज कर रही है। बताते हैं कि स्वामी का यह वीडियो चश्मे में लगे खुफिया कैमरे की मदद से 31 जनवरी 2014 को बनाया गया।
वायरल वीडियो के स्क्रीन शॉट में दिखाया गया है कि स्वामी चिन्मयानंद अपना मोबाइल चेक करते हुए कुछ मेसेज के रिप्लाई टाइप कर रहे हैं और छात्रा उनके तलवे में मालिश कर रही है।
वीडियो और स्क्रीन शॉट पूरी तरह से फर्जी हैं। इन्हें एडिट कर तैयार किया गया है। यह वीडियो 31 जनवरी 2014 का बनाया गया है। उस समय छात्रा कॉलेज में थी ही नहीं। एसआईटी जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा। – ओम सिंह, अधिवक्ता स्वामी चिन्मयानंद
यूपी के शाहजहांपुर के एक लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने आरोप लगाया कि स्वामी चिन्मयानंद ने उसका रेप किया और एक साल तक शारीरिक शोषण किया। मंगलवार को इस केस में एक विडियो की एंट्री हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल इस विडियो में एक अधेड़ उम्र का शख्स लड़की से न्यूड होकर मसाज करवा रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि विडियो में दिख रहे व्यक्ति स्वामी चिन्मयानंद ही हैं। हालांकि इस वायरल विडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
बता दें कि यूपी के शाहजहांपुर के एक लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने आरोप लगाया कि स्वामी चिन्मयानंद ने उसका रेप किया और एक साल तक शारीरिक शोषण किया।
लड़की ने कहा कि शाहजहांपुर पुलिस चिन्मयानंद के खिलाफ रेप केस नहीं दर्ज कर रही है। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया, चिन्मयानंद ने मेरा रेप किया और उसके बाद एक साल तक शारीरिक शोषण किया।
शाहजहांपुर पुलिस ने रेप केस नहीं दर्ज किया। छात्रा ने यह भी कहा कि सही समय आने पर साक्ष्य (विडियो क्लिप) भी पेश किया जाएगा। लड़की ने कहा कि उसने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ही अपना वह विडियो वायरल किया था, जिसमें उसने चिन्मयानंद से जान का खतरा बताया था।
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर राज्य सरकार ने मामले की पड़ताल के लिए विशेष जांच दल गठित किया है, जो मामले की तफ्तीश कर रहा है।
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