महाराष्ट्र। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत दिया है। लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेेकर भाजपा-शिवसेना के बीच तकरार बनी हुई है। महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए सिर्फ एक दिन बचा हुआ है। यदि सरकार नहीं बनाई गई तो महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाएगा। शिवसेना के नेता संजय राउत ने आज कहा है कि दिल्ली सरकार महाराष्ट्र कभी झूका नहीं है। महाराष्ट्र हमारा है। यह छत्रपति शिवाजी की नीतियों को साथ लेकर चलने वाले हैं। हमारी अस्मिता की लड़ाई जारी रहेगी। यह जनादेेश का अपमान है। दिल्ली से महाराष्ट्र को कंट्रोल करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच दांवपेच फंसा हुआ है। इसको सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कई बार प्रयास किया। सूत्रों ने बताया कि फडणवीस ने उद्धव ठाकरे को तीन बार फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस बारे में उद्धव देवेंद्र फडणवीस के नाम पर किसी भी तरह विचार करने को तैयार नहीं हैं।
शिवसेना ने तो अपने विधायकों को मुंबई के रंगशारदा होटल में ठहरा दिया है ताकि किसी भी तरह की खरीद फरोख्त से वो बच सकें।
महाराष्ट्र में इस प्रकार बन सकती है सरकार…
- शिवसेना-भाजपा में से कोई एक मुख्यमंत्री के पद छोड़े तो बनेगी गठबंधन सरकार।
2- 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 105 विधायक हैं। बहुमत के लिए 145 विधायक चाहिए। भाजपा निर्दलीय सहित अन्य 29 विधायकों को साथ कर ले तो संख्या 134 हो जाएगी। बहुमत परीक्षण के दौरान सदन से विरोधी दलों के 21 विधायक गैरहाजिर हो जाएंगे तो संख्या 267 होगी और बहुमत का जरूरी आंकड़ा 134 हो जाएगा। लेकिन इसके लिए भाजपा ने इनकार कर दिया।
3- शिवसेना में टूट : 56 विधायकों वाली शिवसेना के 45 विधायक टूटकर भाजपा के समर्थन में आ जाए तो दल-बदल कानून लागू नहीं होगा। भाजपा की संख्या 150 हो जाएगी। हालांकि भाजपा ने इससे इनकार किया है।
4- शिवसेना (56) एनसीपी (54) के साथ गठबंधन सरकार बनाए। कांग्रेस (44) बाहर से समर्थन दे। ऐसे में आंकड़ा 154 होगा।
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