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कुशीनगर : लाकडाउन के बीच भले ही जिला प्रशासन ने कुशीनगर में मीट मछली कारोबारियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वे अपनी अपनी दुकानें खोलने का आदेश दिया दिया हो,लेकिन वही पडरौना शहर की बात करें तो सदर एसडीएम के द्वारा पूर्व में निर्धारित खोल कर बिक्री करने वाले मीट कारोबारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। जबकि जनपद के अलग-अलग जगहों पर सभी मीट कारोबारियों में बकरे,मुर्गा मछली के दुकानदार अपने ही जगह पर दुकान खोलकर निर्धारित समय अवधि के हिसाब से बिक्री कर रहे थे, इसी बीच लाकडाउन के दौरान डीएम के आदेश मिलते ही इस तरह का कारोबार करने वाले सभी दुकानदार अपने-अपने दुकान पर अपना कारोबार करने के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए दुकान खोल रखी है l
लेकिन यहां पडरौना के गंडक नहर के किनारे अस्थाई दुकान खुलवा कर एसडीएम सदर पडरौना रामकेश यादव ने ना जाने जनपद के पडरौना क्षेत्र में अपनी मनमानी कर ऐसे कारोबारियों के सामने मुसीबत खड़ा कर दिया हो,जबकि पडरौना शहर के छोड़ अन्य जगहों पर जनपद के सभी ऐसे दुकानदार अपने-अपने निर्धारित दुकान पर ही इस तरह का कारोबार कर रहे थे।
बताते चलें कि पडरौना नगर स्थित मीट व्यवसाई मीट,मछली बेचने के सिलसिले में आला अफसरों से लिखित पत्र देकर पूरी जिम्मेदारी से उचित व्यवस्था के जरिए कारोबार करने की मांग किए हैं l मीट व्यवसाई किराए की मकान दुकान में अग्रिम की राशि व किराए की राशि देकर अपनी दुकान में बकरे के मीट व मछली साफ-सुथरे से तैयार कर कारोबार करते चले आ रहे हैं l जोकि पूर्व से अपनी दुकान गुमटी का नगर पालिका परिषद पडरौना का टैक्स,कौड़ी आदि देते चले आ रहे हैं l जहां पर मीट कारोबारी अपने अपने दुकान में फिनायल का प्रयोग व सैनिटाइज का प्रयोग कर साफ-सफाई व हरा पर्दा लगा कर अपना मीट व्यवसाय का कार्य करते हैं l लिखित पत्र में यह भी जिक्र किया गया है कि इस कोरोना महामारी में सोशल डिस्टेंस इनका पालन कराते हुए मीट उसी व्यक्ति को दिया जाएगा जो अपने चेहरे पर मास्क और अपना निजी झोला लेकर आएगा l
हालांकि पूर्व में जिला प्रशासन द्वारा मीट व्यवसाय पडरौना नगर से सटे गंडक नहर पटरी पर कारोबार करने का आदेश हुआ था l
जिससे मीट कारोबारी जिला प्रशासन को इस मसले को अवगत कराते हुए नगर पालिका परिषद पडरौना के कूड़े की डंपिंग इसी गंडक नहर की पटरियों पर प्रतिदिन किया जाता है l जिससे नहर की पटरी पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है ऐसी गंदगी भरे स्थान पर मीट का व्यवसाय किया जाना संभव नहीं है l क्योंकि नहर के किनारे तमाम तरह की गंदगी का अंबार लगा हुआ है ना तो यहां पर पानी की व्यवस्था है और ना तो साफ सफाई की गंदगी से भरे गंडक नहर की पटरी पर बकरे का मीट मछली,मुर्गा का मीट बेचा जाना इस कोरोना महामारी में भयानक साबित हो सकता है l जिला प्रशासन से मीट कारोबारी लिखित पत्र के मुताबिक अपनी इस उक्त समस्याओं को देखते हुए पूर्व की भांति अपने-अपने दुकानों,गुमटी में किए जाने व दुकान चलाने की मांग की है l जिससे मीट कारोबारी कोरोना वैश्विक महामारी व लॉक डाउन के दृष्टिगत पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी-अपनी दुकानों को साफ-सफाई एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए अपना मीट व्यवस्था कर सकें l
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