प्रयागराज, कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते दौर में पूरी दुनिया ठहर सी गई थी। इलाहाबाद संग्रहालय भी जहां हर दिन सैकड़ों की संख्या में पर्यटक आते थे लेकिन कोरोना काल में यह भी बंद रहा। सात माह मंगलवार को सुबह इलाहाबाद संग्रहालय खुला तो यहां का नजारा बदला-बदला सा रहा। दर्शकों की चहल-पहल से गुंजायमान रहने वाला संग्रहालय में सन्नाटा रहा।
इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक डॉ. सुनील गुप्त ने बताया कि सुबह से अब तक लगभग करीब एक दर्जन की संख्या में ही दर्शक संग्रहालय में आए हैं। दर्शकों और पर्यटकों को कोविड-19 की गाइड लाइन के मानक के आधार पर ही प्रवेश दिया जा रहा है। धीरे-धीरे दर्शकों की संख्या बढ़ेगी।
कोविड-19 गाइडलाइन के अनुरूप सुबह 10 से 5.30 बजे तक खुलेगा संग्रहालय
सुबह 10 से शाम 5.30 बजे तक दर्शक भ्रमण कर सकेंगे। उन्हें कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करना होगा। हर दर्शक को मास्क लगाना अनिवार्य है। मास्क न लगाने वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा। गेट पर थर्मल स्कैनिंग करके प्रवेश मिलेगा। हर गैलरी में अधिकतम 10 लोगों की भीड़ रहेगी। अगर 10 लोग से अधिक आते हैं तो उन्हें वेटिंग हॉल में रोक लिया जाएगा। संग्रहालय में रखी मूर्तियों व अन्य वस्तुओं को छूने पर पूरी तरह से मनाही रहेगी। दो गज की दूरी से उसे देख सकेंगे। सीसीटीवी कैमरे के जरिए हर दर्शक पर नजर रखी जाएगी। नियम का पालन न करने वाले को परिसर से बाहर कर दिया जाएगा।
बोले, संग्रहालय के निदेशक
संग्रहालय के निदेशक डॉ. सुनीत गुप्त ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लॉकडाउन लागू होने पर 25 मार्च से इलाहाबाद संग्रहालय बंद था। उसे खोलने से पहले पूरे परिसर का सेनेटाइजेशन कराया गया है। टिकट काउंटर व गैलरी के अंदर दो गज की दूरी बनाकर दर्शकों को खड़ा किया जाएगा। प्रवेश व निकास द्वार पर स्वचलित सेनेटाइजर सिस्टम लगाया गया है। गेट पर थर्मल स्कैनिंग करके दर्शकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर नोट करके प्रवेश दिया जाएगा। संग्रहालय परिसर में कोरेंटाइन रूम बनाया गया है। वहां कोरोना संदिग्ध कर्मचारियों व दर्शकों को कोरेंटाइन किया जाएगा।
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