डिजिटल गिरफ्तारी का खेल: कैसे ठग बनाते हैं आपको अपना शिकार?
क्या आप जानते हैं कि कैसे साइबर अपराधी आपको डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर ठग सकते हैं? यह लेख आपको उन तकनीकों के बारे में बताएगा जिनका उपयोग ये ठग करते हैं और आपको कैसे सतर्क रहना चाहिए। हम आपको ऐसे वास्तविक अनुभवों से अवगत कराएंगे जिससे आप सावधान हो सकते हैं और खुद को ठगी से बचा सकते हैं।
साइबर ठगों की चालें: कैसे वे आपको निशाना बनाते हैं?
ये ठग आपको एक रिकॉर्डेड फोन कॉल से संपर्क करते हैं, जिसमें आपको बताया जाता है कि आपका आधार कार्ड या मोबाइल नंबर किसी अपराध में शामिल है। इसके बाद आपको एक नंबर दिया जाता है जिस पर संपर्क करने को कहा जाता है। यह कॉल एक ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जो खुद को पुलिस अधिकारी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का सदस्य बताता है।
पुलिस की वर्दी और फर्जी दस्तावेज़ों का प्रयोग
इन ठगों का सबसे चौंकाने वाला तरीका यह है कि वे वीडियो कॉल के जरिए आपको एक पुलिस वाले के रूप में दिखाई देते हैं। वे एक ऐसा वातावरण बनाते हैं जैसे वे किसी थाने में बैठे हों। उनके पीछे पुलिस का लोगो और तमाम सामान दिखाई देता है।
यह सब इसलिए किया जाता है ताकि आपके मन में उन पर विश्वास पैदा हो।
Google पर सर्च करने का दबाव
अक्सर आपको उस थाने के संपर्क नंबर को Google पर सर्च करके वेरिफाई करने को कहा जाता है। जिस थाने का नंबर दिखाया जाता है, वह वास्तव में मौजूद होता है, लेकिन ठग उस नंबर के जरिए अपनी साजिश को अंजाम देते हैं।
फर्जी वेबसाइटें और डराने की रणनीति
फिर ये ठग आपको एक लिंक भेजते हैं, जिस पर क्लिक करने के बाद सुप्रीम कोर्ट जैसी दिखने वाली एक नकली वेबसाइट खुलती है। इस वेबसाइट में केस नंबर डालने पर एक फर्जी अरेस्ट वारंट दिखाई देता है।
पैसा निकालने की योजना
यह पूरी कहानी इस तरह बुनी जाती है कि ठगी का शिकार हुआ व्यक्ति आतंकित हो जाए और ठगों के जाल में फँस जाए।
ये अपराधी शुरू में कुछ सामान्य सवाल पूछते हैं जैसे आपका नाम, आधार कार्ड नंबर, परिवार के सदस्यों की जानकारी, बैंक खाते और कमाई के बारे में। यह सारी जानकारी इकठ्ठा करने के बाद, आपको डराने धमकाने और फिर फीस के नाम पर पैसा मांगने की शुरुआत करते हैं।
बचाव के उपाय: खुद को कैसे बचाएं?
यहाँ कुछ उपाय दिए गए हैं जिससे आप खुद को डिजिटल गिरफ़्तारी जैसे ठगी से बचा सकते हैं:
- किसी अनजान नंबर से आने वाली कॉल का तुरंत जवाब न दें।
- अगर कोई अनजान नंबर पर आपको ऐसा कॉल आता है, तो उसकी तुरंत रिपोर्ट करें।
- सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करें।
- कभी भी अपने व्यक्तिगत या बैंक डिटेल किसी अनजान व्यक्ति को न बताएँ।
Take Away Points
डिजिटल गिरफ़्तारी का यह खेल बहुत ही खतरनाक है। इससे बचने के लिए, आपको सतर्क रहने और सावधानी बरतने की जरूरत है। याद रखें, कोई भी सरकारी अधिकारी आपसे कभी भी फोन पर आपकी व्यक्तिगत या बैंक की जानकारी नहीं मांगेगा। अगर ऐसा होता है, तो तुरंत ही उसे रिपोर्ट करें।

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