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उपेन्द्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में दर्जनो चल रहे फर्जी प्राइवेट अस्पताल लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। ऐसे अस्पतालों में डाक्टरों की लापरवाही से कई बार मरीजों की मौत तक हो चुकी है , लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे ये प्राइवेट अस्पताल संचालक खुलेआम नियमों को ताक पर रख लोगों को मौत के घाट उतार रहे हैं। सूत्रों की माने तो ऐसे अस्पताल संचालकों ने अल्ट्रासाउंड से लेकर इसीजी तक करने के जगह-जगह पर बड़े-बड़े पोस्टर, होडिग व बैनर लगा रखे हैं,जबकि इन पर ऐसी सुविधाओं के लिए विभाग से कोई अनुमति व लाइसेंस ही नहीं है। बावजूद इन अस्पताल माफियाओं की मनमानी जारी है।
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नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा बाजार निवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि शेषनाथ यादव का कहना है कि जब तक इन प्राइवेट अस्पतालों की नियमित जांच नहीं होगी तब तक क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य के साथ इनका खिलवाड़ जारी रहेगा । उन्होंने बताया कि कोटवा स्थित सी एच सी से मात्र 500 मीटर परिधि में आधे दर्जन के करीब जानलेवा हॉस्पिटल संचालित हैं परन्तु कारण समझ से परे है कि इनपर कार्यवाही क्यों नहीं हो पाती । क्षेत्रीय लोगो का आरोप है की कोटवा नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र मे अवैध तरीके से चल रहे अस्पतालों में सिर्फ नाम मात्र के लिए एमबीबीएस व एमडी डाक्टरों का नाम दर्शाया जाता है,जबकि आपरेशन कंपाउंडर व झोलाछाप डाक्टरों द्वारा किए जा रहे हैं। सूत्रो की माने तो कोटवा के बगल के एक गांव में अल्ट्रासाउंड भी अबैध रूप से चल रहा है जहा होती लिंग परीक्षण भी होता है ।
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