मध्य प्रदेश शिक्षक का अजीबोगरीब कारनामा: जिंदा छात्र को बताया मृत!
क्या आपने कभी सुना है कि एक शिक्षक ने अपने छात्र को जिंदा होने के बावजूद मृत बताकर छुट्टी ले ली हो? मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक ने अपनी छुट्टी के लिए एक जिंदा बच्चे को मृत बता दिया. यह घटना इतनी चौंकाने वाली है कि सुनकर आपको यकीन नहीं होगा. आइए, जानते हैं इस पूरे मामले की सच्चाई.
घटना का सच
घटना मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक विद्यालय चिगिरका टोला की है. यहाँ के शिक्षक हीरालाल पटेल ने कक्षा 3 के छात्र जितेंद्र कोरी को मृत बताकर छुट्टी ले ली. उन्होंने स्कूल के रजिस्टर में लिखा, “मैं हीरालाल पटेल प्राथमिक शिक्षक, छात्र जितेंद्र कोरी के निधन के कारण उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहा हूं.” लेकिन, सच्चाई यह है कि जितेंद्र कोरी बिल्कुल स्वस्थ था!
परिजनों का गुस्सा
जब जितेंद्र के परिवार वालों को यह बात पता चली तो वे गुस्से से भर गए. जितेंद्र के पिता रामसरोज कोरी ने शिक्षक के खिलाफ नईगढ़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने शिक्षक की इस हरकत पर सख्त कार्रवाई की मांग की. सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेज़ी से वायरल हो रहा है. कई लोगों ने इस शिक्षक की कड़ी निंदा की है.
कलेक्टर का एक्शन
मामला जब जिला कलेक्टर अजय श्रीवास्तव के पास पहुँचा तो उन्होंने तुरंत हीरालाल पटेल को निलंबित कर दिया और मामले की जाँच के आदेश दिए. जाँच की जिम्मेदारी डीपीसी सुदामा लाल गुप्ता को सौंपी गई है. कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक की यह हरकत बेहद गंभीर है. एक जिंदा छात्र को मृत बताकर छुट्टी लेना सरकारी कामकाज के प्रति बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है.
जांच और कार्रवाई
इस मामले की जाँच के बाद शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अगर शिक्षक के खिलाफ सबूत मिले तो उसे बर्खास्त भी किया जा सकता है. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि सरकारी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं.
शिक्षक की लापरवाही: क्या हैं इसके नतीजे?
इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना से साफ ज़ाहिर होता है कि कई शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों के प्रति कितने लापरवाह हैं. इस घटना का बच्चों और उनके अभिभावकों पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है. यह घटना बच्चों के भविष्य पर भी एक सवालिया निशान खड़ा कर देती है। आखिर, क्या हम ऐसे शिक्षकों पर भरोसा कर सकते हैं जो बच्चों को शिक्षा देने के बजाय अपनी छुट्टियों का फ़ायदा उठाने में लगे रहते हैं?
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की ज़रूरत
यह मामला हमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार की ज़रूरत की याद दिलाता है. हमें ऐसे शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझते हैं. हमें अपने बच्चों के भविष्य के लिए ज़िम्मेदार शिक्षकों की ज़रूरत है, ना कि ऐसे शिक्षकों की जो अपनी सुविधा के लिए झूठ बोलने से भी पीछे नहीं हटते. इसके अलावा, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता भी बहुत जरूरी है.
Take Away Points
- मध्य प्रदेश के एक शिक्षक ने एक जिंदा छात्र को मृत बताकर छुट्टी ले ली.
- छात्र के परिवार ने शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
- कलेक्टर ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है और जाँच के आदेश दिए हैं.
- इस घटना से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जा रहा है.

Leave a Reply