भोपाल/नई दिल्ली। इस समय मध्य प्रदेश में सियासत चरम पर है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए कांग्रेस सरकार को बचाना बड़ी चुनौती है। दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य के बगावत कर भाजपा का दामन थामने से सरकार पर संकट गहराया है। दरअसल वर्ष 2018 के अंत में चुनाव के नतीजे आते ही कमलनाथ और सिंधिया के बीच दरार दिख गई थी और वक्त बीतने के साथ खाई में बदल गई। भाजपा ने भी मौके का फायदा उठाकर सिंधिया को अपने दल में शामिल कर लिया और उन्हें हाथों हाथ 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट भी दे दिया।
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- दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल से कानूनी पहलुओं पर चर्चा करने के बाद भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री धर्मेद्र प्रधान भाजपा विधायकों से मिलने मानेसर पहुंचे। मानेसर के होटल आईटीसी ग्रैंड में भाजपा के 106 विधायक ठहरे हुए हैं। आज देर रात तक इन विधायकों को भोपाल भेजा जाएगा, जहां वो सोमवार को होने वाले शक्ति परीक्षण में शिरकत करेंगे।
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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की रविवार को यहां बल्लभ भवन में हुई बैठक में कोरोनावायरस का मुद्दा छाया रहा। कई मंत्रियों ने तो जयपुर से आए विधायकों और बेंगलुरू व गुरुग्राम से वापस लौटने वाले विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराए जाने की मांग की है। राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी. सी. शर्मा ने बैठक की जानकारी देते हुए पत्रकारों को बताया, “कोरोनावायरस की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना को महामारी घोषित किया है। राज्य सरकार की ओर से इस बीमारी को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं। स्कूलों, कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वीमिंग पूल, सिनेमाघर बंद हैं। बैठक में कई मंत्रियों ने कहा कि जयपुर से आए विधायकों और बेंगलुरू व गुरुग्राम से आने वाले विधायकों का भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।”
उन्होंने आगे कहा, “ओडिशा, राजस्थान, केरल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र की विधानसभाएं कोरोना की रोकथाम के मद्देनजर स्थगित की गई हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने 200 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया है। राज्य के राज्यपाल लालजी टंडन ने बरकत उल्लाह विश्वविद्यालय के कार्यक्रम को निरस्त किया है।”कोरोना के चलते मध्य प्रदेश विधानसभा की बैठक की तिथि आगे बढ़ाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “विधानसभा का बजट सत्र 16 मार्च से राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा। उसके बाद कोई बात सामने आएगी, तो फैसला लिया जाएगा।” बैठक में कांग्रेस नेता रामू टेकाम और राशिद सुहेल सिद्दिकी को राज्य लोकसेवा आयोग का सदस्य बनाने का फैसला किया है। वहीं कर्मचारियों को जुलाई 2019 से पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया है। इसका अप्रैल 2020 से नगद भुगतान होगा।
- मध्य प्रदेश कांग्रेस के बागी विधायकों ने वीडियो जारी कर अपनी सुरक्षा में केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करने की मांग की है। बेंगलुरू में मौजूद कई बागी विधायकों ने वीडियो संदेश जारी कर विधानसभा अध्यक्ष से यह अनुरोध किया है। कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे दबाव में जारी किए जाने की बात कही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक कांग्रेस के बागी 22 विधायकों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इनमें से छह विधायकों का इस्तीफा विधानसभाध्यक्ष एन.पी. प्रजापति ने मंजूर कर लिया है।
बेंगलुरू में मौजूद विधायकों ने रविवार को वीडियो संदेश जारी कर सुरक्षा की मांग की है। वीडियो संदेश में विधायकों ने कहा है, “विधानसभा अध्यक्ष ने हमें उपस्थित होने का नोटिस दिया है। हमें जानकारी मिली है, लेकिन हम अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। भोपाल आने पर सुरक्षा को लेकर संशय है। इसलिए जरूरी है कि हमारी सुरक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की मदद ली जाए।” कांग्रेस प्रवक्ता और मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष सैयद जाफर ने कहा, “विधायकों से यह वीडियो दबाव में बनवाए गए हैं। जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें विधायक के साथ दूसरे व्यक्ति की फुसफुसाती आवाज बताती है कि ये वीडिया सिखा-पढ़ाकर बनाए गए हैं।”
- होटल पहुंचे कांग्रेसी विधायकों में से पूर्व मंत्री कांतिलाल भूरिया का कहना है कि कमलनाथ सरकार को कोई खतरा नहीं है, भाजपा की कोशिश मुंगेरी लाल के हसीन सपने साबित होगी। विधायक प्रद्युम्न सिंह का कहना है, हम जीतेंगे, ऑल इज वैल। अन्य विधायकों ने भी दावा किया कि, कमलनाथ सरकार बहुमत साबित करेगी।
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मध्य प्रदेश में गहराए सियासी संकट के बीच सोमवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। अपने विधायकों को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी रविवार को व्हिप जारी कर दिया। विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने व्हिप जारी किया। इसमें कहा गया कि विधानसभा का सत्र 16 मार्च से शुरू हो रहा है। विधानसभा के संपूर्ण सत्र में उपस्थित रहें और फ्लोर टेस्ट के दौरान भाजपा के पक्ष में अनिवार्य रूप से मतदान करें। गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस ने शनिवार रात को अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया था।
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मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों को विशेष विमान से रविवार को जयपुर से भोपाल पहुंचने के बाद बसों से एमपी नगर स्थित होटल मेरियट ले जाया गया। विधायक अपने घर नहीं जा पाए। वे विजय का निशान दिखाते नजर आए। वहीं, शाम को विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें ये विधायक हिस्सा लेंगे। विधायकों के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधांशु त्रिपाठी भी हैं। होटल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक रविवार सुबह 11 बजे के करीब जयपुर से भोपाल पहुंचे। बताया जा रहा है कि इनकी संख्या 90 है। इन्होंने एअरपोर्ट पर कमलनाथ सरकार की जीत का दावा किया।
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मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों के रविवार को जयपुर से भोपाल आने की संभावनाओं के चलते हवाईअड्डे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हवाईअड्डे पर निषेधाज्ञा 144 लागू है। कांग्रेस के जयपुर गए विधायको को रविवार को भोपाल लाया जा रहा है। इन विधायकों के आने की संभावनाओं के मद्देनजर राजा भोज विमान तल पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए है, भारी संख्या में सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है। हवाईअड्डे पर भीड़ जमा न हो, इसके भी प्रयास किए गए हैं। ज्ञात हो कि, बीते दो दिन पहले कुछ विधायकों के आने की खबरों को लेकर भारी संख्या में कार्यकर्ता हवाईअड्डे पर जमा हो गए थे और विवाद की स्थिति बनी थी। तब पुलिस उप महानिरीक्षक इरशाद वली ने हवाईअड्डे पर निषेधाज्ञा 144 लागू करने की जानकारी दी थी। वह अब भी लागू है।
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मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों को रविवार को जयपुर से भोपाल लाया जा रहा है। विशेष विमान से लाए जा रहे ये विधायक भोपाल में एक साथ रखे जाएंगे। कांग्रेस के उच्च सूत्रों ने बताया है कि विधायक जयपुर के हवाईअड्डे पर पहुंच चुके हैं और उन्हें वहां से विशेष विमान से भोपाल लाया जा रहा है। विधायकों की संख्या 90 बताई जा रही है। इन विधायकों के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत और राष्ट्रीय सचिव सुधांशु त्रिपाठी भी आ रहे हैं। गौरतलब है कि 11 मार्च को कांग्रेस के विधायकों को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सुधांशु त्रिपाठी के साथ जयपुर भेजा था। यह विधायक चार दिन तक जयपुर के एक रिसॉर्ट में रहे, इस दौरान विधायकों ने कई मंदिरों और देव स्थलों का भ्रमण किया। इन विधायकों से कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक व हरीश रावत ने भी संवाद किया था।
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मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से सरकार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद बहुमत साबित करने को कहा है। राज्यपाल टंडन ने देर रात को मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि, राज्य के 22 विधायक अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे चुके है, इनमें से छह मंत्रियों को बर्खास्त किए जाने के साथ उनकी सदस्यता भी खत्म की जा चुकी है।
इस्तीफा दे चुके सभी विधायक सुरक्षा में विधानसभाध्यक्ष के समक्ष उपस्थित होना चाहते है। राज्यपाल के पत्र में मुख्यमंत्री से कहा गया है कि आप भी बहुमत हासिल करने की सहमति दे चुके है। भाजपा ने भी ज्ञापन दिया है। राज्यपाल ने लिखा है, प्रथमदृष्टया मुझे विश्वास हो गया है कि आपकी सरकार ने सदन में विश्वास खो दिया है और आपकी सरकार अल्पमत में है। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है, इसलिए संवैधानिक रूप से अनिवार्य एवं प्रजातांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक हो गया है कि दिनांक 16 मार्च को मेरे अभिभाषण के बाद विश्वासमत परीक्षण करें।
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