नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया मामले में चारों दोषियों अक्षय, विनय, मुकेश और पवन को फांसी के लिए डेथ वारंट जारी करने संबंधी याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। निर्भया के वकील ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया जाए।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली निर्भया कांड के चार दोषियों में से एक अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए अक्षय की रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी है। फांसी बरकरार रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में दोषी के वकील को पूरा मौका दिया गया लेकिन दोषी के वकील ने कोई नई बात नहीं की है।जस्टिस भानुमति जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ये दलीलें हम पहले भी सुन चुके हैं।
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- निर्भया की मां ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मैं खुश हूं। उन्होंने कहा कि अब हम न्याय के एक कदम और करीब पहुंच गए हैं।
-निर्भया के दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट ने तमाम दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट आज दोपहर 1 बजे अपना फैसला सुनाएगा।
-सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पुनर्विचार याचिका को खारिज किया जाना चाहिए। इस मामले में निचली अदालत, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है, ऐसे में इस याचिका को भी खारिज करना चाहिए। SG तुषार मेहता ने कहा कि ये मामला फांसी का फिट केस है, क्योंकि यह मानवता के खिलाफ हमला था। उन्होंने कहा कि इस केस में बिना देरी के तुरंत फैसला करना चाहिए। साथ ही तुषार मेहता ने यह भी कहा कि दोषी किसी तरह की सहानुभूति पाने का हकदार नहीं है, उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए।
- अक्षय के वकील एपी सिंह ने जांच पर सवाल उठाते हुए तिहाड़ के जेलर सुनील गुप्ता की किताब का जिक्र करते हुए कहा कि किताब के अनुसार राम सिंह की आत्महत्या पर भी सवाल उठाए गए थे। इस पर जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि ट्रायल पूरी होने के बाद कोई किताब लिखे ये खतरनाक ट्रेंड हैं। उन्होंने ट्रायल के दौरान क्यों नहीं बताई? बाद में कोई कुछ भी लिख दे इसका कोई मतलब नहीं। दोषी अक्षय के वकील एपी सिंह ने TIP यानी टेस्ट इन परेड को लेकर भी सवाल उठाए। जस्टिस भानुमति ने कहा कि इस पॉइंट को ट्रायल में कंसीडर किया गया था? सिंह ने कहा कि नहीं, ये नया फैक्ट है।
-दोषी अक्षय के वकील एपी सिंह ने आगे कहा कि जब देश मे इतने लोगों की फांसी लंबित है दया याचिका दाखिल होने के बाद भी तो उनको ही लटकाने की जल्दी और हड़बड़ी क्यों? ये प्रेशर में हो रहा है। वकील ने मुख्य गवाह अमरिंदर पांडे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में उनके सबूत और प्रस्तुतियां अविश्वसनीय हैं।
दोषी अक्षय के वकील ने कहा कि यह मामला राजनीति और मीडिया के दबाव से प्रभावित रहा है और दोषी के साथ घोर अन्याय हो चुका है। अक्षय ने दया का अनुरोध करते हुए दलील दी है कि वैसे भी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण जीवन छोटा होता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नौ जुलाई को इस मामले के तीन दोषियों मुकेश, पवन और विनय की पुनर्विचार याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि इनमें 2017 के फैसले पर पुनर्विचार का कोई आधार नहीं है।
इस मामले में मंगलवार (17 दिसंबर) को सुनवाई होनी थी, लेकिन चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने खुद को बेंच से अलग कर लिया। इस वजह से सुनवाई को टालना पड़ा। चीफ जस्टिस ने कहा कि उनके एक रिश्तेदार इस मामले में पीड़ित की मां की ओर से पहले पेश हो चुके हैं और ऐसी स्थिति में उचित होगा कि नई पीठ पुनर्विचार याचिका पर विचार करे।
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