‘भारत बंद’ : सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक का होगा , देशभर की कारोबारी गतिविधियां नहीं होंगी बाधित; जानें राज्‍यों का हाल

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नई दिल्‍ली, पिछले 11 दिनों से कृषि विधेयक के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन का सोमवार को 12वां दिन है। यह आंदोलन व्यापक रूप लेता जा रहा है। इस क्रम में मंगलवार, 8 दिसंबर को किसानों ने भारत बंद का ऐलान किया है जिसे विपक्षी पार्टियों का पूरा समर्थन प्राप्‍त है। कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी व महाराष्‍ट्र, बिहार, तमिलनाडु, उत्‍तर प्रदेश व जम्‍मू-कश्‍मीर की 10 पार्टियों ने संयुक्‍त बयान जारी कर भारत बंद को अपना समर्थन दिया है।

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8 दिसंबर को भारत बंद के लिए किसानों के साथ तमाम विपक्षी दल हैं। इस दौरान देशभर में व्‍यापारिक गतिविधियां सुचारू तरीके से चलेंगी। मुंबई में मार्केट बंद होंगे लेकिन कैब सेवा व ऑटो-बस नियमित रूप से चलेंगी। गुजरात में बंद को समर्थन देने से इनकार कर दिया गया है।

कल बंद नहीं होगा देश का कारोबार: CAIT

व्‍यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल (Praveen Khandelwal) ने कहा, ‘ कल के भारत बंद में भारत के ट्रेडर व ट्रांसपोर्टर नहीं शामिल होंगे। हमें जारी वार्ता प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।’ उन्‍होंने कहा, ‘किसानों की ओर से भारत बंद के मामले में हमसे किसी तरह का समर्थन नहीं मांगा गया है। ऐसे में जब केंद्र व किसान नेताओं की वार्ता चल रही है तो बंद का कोई औचित्य नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा की किसानों के साथ व्यापारियों एवं ट्रांसपोर्टरों की सहानुभूति है क्‍योकि वे देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस हैं लेकिन हमें भरोसा है की सरकार और किसान नेताओं के बीच जारी वार्ता का सकारात्‍मक परिणाम आएगा।

बुधवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक भारत बंद

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्‍ता राकेश टिकैत ने कहा, ‘हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और हम इसे ऐसे ही जारी रखेंगे। कल का भारत बंद सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। यह हमारा विरोध प्रदर्शन है जिसके जरिए हम यह बताना चाहते हैं कि हम भारत सरकार की पॉलिसी के विरोध में हैं।’ उन्‍होंने आगे कहा, ‘आम जनता को इससे परेशानी न हो इसलिए भारत बंद की शुरुआत सुबह 11 बजे से होगी ताकि वे समय पर ऑफिस पहुंच सके। ऑफिस में वर्क आवर 3 बजे खत्‍म हो जाता है। एंबुलेंस और विवाह समारोहों को बाधित नहीं किया जाएगा। लोग अपना कार्ड दिखाकर काम के लिए जा सकते हैं।’  दिल्‍ली पुलिस के पीआरओ आइश सिंघल ( Eish Singhal, Delhi Police PRO) ने बताया, ‘दिल्‍ली पुलिस ने कल के भारत बंद के मद्देनजर पर्याप्‍त इंतजाम कर लिए हैं। हम इस बात को सुनिश्‍चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि देश की जनता पूरी तरह सुरक्षित रहे।’

जानें इन राज्‍यों में कैसा होगा ‘भारत बंद’

  • पंजाब हरियाणा राजस्‍थान की मंडियां बंद रहेंगी

 कल भारत बंद के समर्थन से गुजरात ने इनकार किया है। वहां के मुख्‍यमंत्री विजय रुपानी ने कहा, ‘किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के समर्थन में गुजरात नहीं है। यदि किसी ने दुकान या किसी भी संस्‍थान को जबरन बंद करने या कराने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी।’

  • किसानों के समर्थन में राष्ट्रपति भवन की ओर जा रहे खिलाड़ियों को सुरक्षाबलों ने रोक लिया। पूर्व रेसलर करतार सिंह ने बताया, ‘आज हम राष्ट्रपति जी को अपने सारे अवार्ड वापस करने जा रहे हैं और उनसे अनुरोध करेंगे कि कृषि कानून को वापस लें।’

  • कोऑर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन संजीव नासियार ने कहा, ‘दिल्‍ली के सभी जिला अदालतों की कोऑर्डिनेशन कमिटी किसानों के भारत बंद का समर्थन करती है। कल किसानों के प्रति इन कोर्ट के सभी एडवोकेट अपना समर्थन प्रकट करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे।’

  • कर्नाटक के कांग्रेस अध्‍यक्ष डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने कहा, ‘हम किसानों के प्रति अपना समर्थन जताते हैं जो इकोनॉमी के बड़े समर्थक हैं। पूरा देश उन्‍हें समर्थन देना चाहता है। हमारे किसानों के लिए दुनिया के विभिन्‍न हिस्‍सों से आने वाले नेताओं के समर्थन का हम शुक्रिया अदा करना चाहते हैं।’

महाराष्‍ट्र के मार्केट रहेंगे बंद, चालू रहेगी बस व टैक्‍सी सेवा

  • महाराष्‍ट्र के वाशी, नवी मुंबई के एपीएमसी मार्केट की सभी दुकानों समेत तमाम गतिविधियां बंद रहेंगे। यह जानकारी नवी मुंबई एपीएमसी के अध्‍यक्ष राजेंद्र शेल्‍के ने दी। वहीं मुंबई टैक्‍सी यूनियन ने कल भारत बंद के समर्थन में हड़ताल का ऐलान नहीं किया है। यहां कैब व ऑटो सामान्‍य तरीके से चलाई जाएंगी। BEST बसों को बंद के अंतर्गत नहीं रोका जाएगा। इस दौरान सुरक्षात्‍मक आयरन ग्रिल व अन्‍य गियर को लागू किया जाएगा। यह जानकारी बृहन्‍मुंबई इलेक्‍ट्रिक सप्‍लाई व ट्रांसपोर्ट के PRO ने दी। मुंबई पुलिस के पीआरओ डीसीपी एस चैतन्‍य ने कहा, ‘शहर में पेट्रोलिंग की जाएगी ताकि कोई दुर्घटना न हो।’

  • पश्‍चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्‍चिमी मिदनापुर में रैली के दौरान कहा, ‘भाजपा सरकार द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेना जरूरी  है।’

  • भारत बंद के मद्देनजर 8 दिसंबर , बुधवार को पंजाब के होटलों व रिसॉर्ट को बंद रखा जाएगा। इसके तहत पहले से किए गए शादी व अन्‍य पार्टियों की बुकिंग को भी रद कर दिया गया है।

– तमिलनाडु में भारत बंद के साथ द्रमुक 

द्रमुक अध्‍यक्ष एम के स्‍टालिन ने कहा, ‘तमिलनाडु में आंदोलनकारी किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया था। सलेम में हो रहे आंदोलन में मैं भी शामिल था। एड्डापड्डी पलानीस्‍वामी सरकार आंदोलनकारियों के खिलाफ है।’ उन्‍होंने कहा,’विपक्ष ने पहले ही कह दिया है कि हम 8 दिसंबर को भारत बंद का समर्थन करेंगे और इसमें शामिल होंगे।’

किसानों के साथ TMC लेकिन बंद को नहीं देगी समर्थन

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय (TMC MP Saugata Roy) ने कहा, ‘पार्टी आंदोलनकारी किसानों के साथ है लेकिन पश्‍चिम बंगाल में भारत बंद को अपना समर्थन नहीं देंगे। यह हमारे सिद्धांतों के खिलाफ है।’

संसद के शीत सत्र की मांग कर रहे कांग्रेस सांसद

जंतर-मंतर पर पहुंच कांग्रेस सांसदोें ने धरना शुरू कर दिया और किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद के शीत सत्र की मांग कर रहे हैं। सांसद मनीष तिवारी ने कहा, ‘सत्र बुलाई जानी चाहिए, किसान विरोधी कानूनों पर फिर से चर्चा कर इसे वापस लिया जाना चाहिए। सरकार सत्र को नजरअंदाज कर रही है। यह लोकतंत्र के खिलाफ है।’

समर्थन में मायावती और केजरीवाल 

इसमें उत्‍तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती का नाम भी शामिल है। इसके अलावा आंदोलन करने वाले किसानों से दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज मुलाकात की। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ ने आंदोलनकारी किसानों द्वारा बुलाए गए 8 दिसंबर को भारत बंद से दूरी बना ली है। इसके पीछे भारतीय किसान संघ की ओर से इसमें शामिल राजनीतिक पार्टियों को कारण बताया गया है। भारतीय किसान संघ का कहना है कि किसान संगठनों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार के सामने रखनी चाहिए।

प्रदर्शन रहेगा जारी: फरीदकोट जिला प्रधान

फरीदकोट के ज़िला प्रधान बिंदर सिंह गोले वाला ने कहा, ‘कल बंद में सभी हमारा समर्थन कर रहे हैं। सभी अपने आप बाजार बंद करने के लिए कह रहे हैं सभी लोग इस बंद के लिए तैयार हैं वे जानते हैं कि किसान सही है इसलिए वो हमारा समर्थन कर रहे हैं। बंद के दौरान जरूरी सेवाओं पर छूट होगी।’ इससे पहले उन्‍होंने कहा था, ‘ 9 तारीख को हमारे पक्ष में फैसला आए चाहें नहीं, अगर आता है तो बहुत अच्छा है और अगर नहीं आता है तो हम ये सोच के नहीं आए थे कि हम घर वापस चले जाएंगे। हम यहीं संघर्ष करते रहेंगे। जब तक हम जीत नहीं जाते तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।’

केजरीवाल का समर्थन

किसानों द्वारा बुलाए गए 8 दिसंबर के भारत बंद को दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी समर्थन दिया है। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) , उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली सरकार के अन्य मंत्रियों ने सिंघु बॉर्डर के पास गुरु तेग बहादुर मेमोरियल में किसानों से मुलाकात की और उनके लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्‍यमंत्री केजरीवाल ने कहा, ‘हम किसानों की सभी मांगों का समर्थन करते हैं। किसानों का मुद्दा और संघर्ष बिल्कुल जायज है। शुरू-शुरू में जब किसान सीमा पर आए थे तो केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने हमसे दिल्ली के नौ स्टेडियम को जेल बनाने की इजाजत मांगी थी। उस समय मेरे ऊपर बहुत दबाव डाला गया। उनकी पूरी योजना थी कि किसानों को दिल्ली आने देंगे और फिर उन्हें पकड़कर स्टेडियम में डाल देंगे और वो वहां पड़े रहेंगे।’

मायावती ने ट्वीट कर जताया अपना समर्थन

किसान नेता बलदेव सिंह यादव ने कहा, ‘यह आंदोलन केवल पंजाब के किसानों का नहीं है, बल्कि पूरे देश का है। हम अपने आंदोलन को मजबूत करने जा रहे हैं और यह पहले ही पूरे देश में फैल चुका है।’ उन्होंने सभी से बंद को शांतिपूर्ण बनाना सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा, ‘चूंकि सरकार हमारे साथ ठीक से व्यवहार नहीं कर रही थी, इसलिए हमने भारत बंद का आह्वान किया।’ मायावती ने इस संबंध में ट्वीट किया और कहा, ‘तीनों कृषि कानूनों की वापसी को लेकर देश भर में किसान आंदोलन कर रहे हैं। इस क्रम में उन्‍होंने 8 दिसंबर को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है, इस बंद के लिए बसपा अपना समर्थन देती है और केंद्र से किसानों की मांगों को मानने की भी फिर अपील है।’

9 दिसंबर को केंद्र-किसानों की छठे दौर की वार्ता

दरअसल, शनिवार को केंद्र व किसानों के बीच पांचवे दौर की वार्ता असफल रही। किसानों को सरकार की ओर से विधेयक में संशोधन का भी प्रस्‍ताव दिया गया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए। किसान इन विधेयकों की पूरी तरह वापसी चाहते हैं। अब 9 दिसंबर , गुरुवार को केंद्र और किसानों के बीच जारी गतिरोध खत्‍म करने के लिए छठे दौर की वार्ता होने वाली है।

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