बढ़ता बोझ मोटापे के कारण हेल्थ केयर सेवाओं पर, टेंशन में सरकार

[object Promise]

नई दिल्ली। देश में कुछ समय पहले नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में आया कि मोटापे से जूझ रहे लोगों की संख्‍या में इजाफा हुआ है। 22 में से 19 राज्‍यों में पुरुषों में मोटापा बढ़ा है। वहीं, 16 राज्‍यों में महिलाओं के मोटापे में इसकी वृद्धि देखी गई है। कर्नाटक में सबसे ज्‍यादा महिलाओं में मोटापा देखा गया। यह 6.8 फीसदी रहा, जबकि पुरुषों में सबसे ज्‍यादा मोटापा जम्‍मू-कश्‍मीर में देखा गया। वहां यह 11.1 फीसदी रहा।

मोटापे की वजह से दुनियाभर में हेल्थकेयर सिस्टम पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। ओईसीडी की रिपोर्ट के अनुसार, डायबिटीज पर होने वाले 70 फीसद खर्च की वजह मोटापा है। कार्डियोवॉस्कुलर बीमारियों का 23 फीसद खर्च और कैंसर के नौ फीसद खर्च में मोटापा ही जिम्मेदार होता है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका 2020 से 2050 तक मोटापे पर प्रति व्यक्ति 644 डॉलर खर्च करेगा। यह अमेरिका के हेल्थ पर खर्च होने वाले बजट का 14 फीसद होगा। वहीं कनाडा 2020 से 2050 के दौर में प्रति व्यक्ति मोटापे पर 295 डॉलर खर्च करने लगेगा, जो उसके हेल्थ बजट का 11 प्रतिशत होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, 36 में 34 ओईसीडी देश के लोग ओवरवेट हैं, और वहां चार में से एक व्यक्ति मोटा है। वहीं इसकी वजह से आयु में 0.9 साल से 4.2 साल तक की कमी हो रही है।

यह रिपोर्ट भी करती है पुष्टि

अमेरिका की सबसे बड़ी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी का कहना है कि 2009 और 2010 के बीच अमेरिका में 35.7 फीसदी लोग पहले ही मोटापे से परेशान थे। 2018 तक यह आंकड़ा बढ़कर 42.4 फीसदी हो गया।

ब्रिटेन की 28 फीसदी आबादी मोटापे से जूझ रही है। वहीं, भारत में 13.5 करोड़ लोग मोटापे से परेशान हैं। भारतीय दूसरी बीमारियों से भी लड़ रहे हैं। देश में 7.2 करोड़ लोग डायबिटीज और 8 करोड़ हाई ब्लड प्रेशर से परेशान हैं। जर्मन वैज्ञानिकों की रिपोर्ट कहती है कि दुनियाभर में मोटापा बढ़ने से हार्ट और डायबिटीज के मरीज भी बढ़ेंगे। कोरोना जैसी महामारी इनके लिए मौत का खतरा और बढ़ा देती है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *