पहला प्यार, पहला आईफोन, पहला शो: क्या है इस ‘फर्स्ट’ का क्रेज?

पहला प्यार, पहला आईफोन, पहला शो: क्या है इस ‘फर्स्ट’ का क्रेज?

क्या आप जानते हैं कि एक फिल्म का पहला शो देखने के लिए लोग जान तक दांव पर लगा देते हैं? या एक नए आईफोन के लिए किडनी तक बेच देते हैं? ये कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि सच्चाई है। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर क्या है इस ‘पहला’ यानी ‘फर्स्ट’ के पीछे का जुनून, जो लोगों को पागलपन की हद तक ले जाता है।

फर्स्ट डे फर्स्ट शो का दीवानापन

2017 में आंध्र प्रदेश के एक युवक ने एक फिल्म के पहले शो की टिकट ना मिलने पर आत्महत्या कर ली थी। ये घटना भले ही पुरानी हो, लेकिन आज भी लोग अपने पसंदीदा सितारों की एक झलक पाने के लिए, पसंदीदा फिल्म का पहला शो देखने के लिए, कतारों में घंटों खड़े रहते हैं, जोखिम उठाते हैं। हाल ही में पुष्पा 2 के प्रीमियर के दौरान एक महिला की मौत भी इसी भीड़ में हो गई थी। इस ‘फर्स्ट डे, फर्स्ट शो’ सिंड्रोम की गहराई में उतरते हैं।

आईफोन का जुनून: किडनी बेचने तक की बात

फिल्मों के अलावा, नए गैजेट्स, खासकर आईफोन के लिए भी लोगों में एक अलग ही क्रेज देखने को मिलता है। चीन में एक शख्स ने तो नए आईफोन मॉडल के लिए अपनी किडनी तक बेच दी थी! अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक जाने की जहमत उठाने वाले जोड़े भी इस जुनून से अछूते नहीं रहे हैं। मुंबई में एक शख्स 21 घंटे लाइन में लगा रहा सिर्फ इसलिए ताकि उसे नए आईफोन का पहला पीस मिल सके।

‘फर्स्ट’ का साइकोलॉजी

लेकिन सवाल ये है कि आखिर क्या है इस ‘फर्स्ट’ के पीछे का राज़? साइंस का कहना है कि इसमें डोपामाइन नाम के हार्मोन की अहम भूमिका है। जीतने पर यह हार्मोन रिलीज़ होता है, जो इंसान को खुशी और संतुष्टि का एहसास कराता है। ‘फर्स्ट’ पाने पर मिलने वाली इस खुशी के कारण लोग जोखिम उठाने को भी तैयार हो जाते हैं। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च में पाया गया कि जीत या हार की स्थिति में ही हॉर्मोन का लेवल तेज़ी से बदलता है, जिसका असर पुरुषों पर ज्यादा दिखाई देता है।

‘फर्स्ट’ का मतलब सिर्फ़ फोन या फिल्म नहीं!

यह ‘फर्स्ट’ का क्रेज़ सिर्फ़ आईफोन या फिल्मों तक सीमित नहीं है। एक ऐसा ही वाकया सामने आया था, जिसमें एक युवक ने परीक्षा में ‘पहले’ नंबर न आने पर आत्महत्या कर ली थी। यह दर्शाता है कि ‘फर्स्ट’ की चाहत कितनी गहरी हो सकती है।

टेक अवे पॉइंट्स

  • ‘फर्स्ट’ पाने की चाहत कई बार जानलेवा भी हो सकती है।
  • डोपामाइन नाम का हार्मोन इस जुनून में अहम भूमिका निभाता है।
  • हमें ज़रूरी है कि इस ‘फर्स्ट’ के जुनून पर लगाम लगाना सीखें और संतुलन बनाए रखें।

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