मुंबई। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यमंत्री चेहरे देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि वे अगले पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उनके इस बयान पर शिवसेना व भाजपा के बीच नाजुक चल रहे संबंध और बिगडऩे की संभावना है। अब शिवसेना ने फडणवीस पर पलटवार किया है।
50-50 फॉर्मूले को लेकर सख्त तेवर अपना रही शिवसेना ने फडणवीस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री ने क्या कहा है। अगर वे यह कह रहे हैं कि 50-50 फॉर्मूले पर कभी चर्चा ही नहीं हुई तो मुझे लगता है कि हमें सत्य की परिभाषा को बदलने की जरूरत है। सीएम जिस मुद्दे के बारे में बात कर रहे हैं उसके बारे में सबको पता है।
मीडिया भी वहां मौजूद था। खुद फडणवीस ने 50-50 फॉर्मूले का जिक्र किया था। शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने भी इसके बारे में बोला था। यह सब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सामने हुआ था। अगर अब ये कहते हैं कि ऐसी कोई बात हुई ही नहीं तो मैं प्रणाम करता हूं ऐसी बातों को। पहले जिस बात को वे कैमरे पर बोल चुके हैं अब उससे इनकार कर रहे हैं।
इधर खबर आई है कि आज भाजपा के साथ होने वाली बैठक शिवसेना ने रद्द कर दी है। शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सरकार गठन को लेकर बैठक होनी थी, लेकिन फडणवीस के बयान के बाद ठाकरे ने इसे रद्द कर दिया। बैठक में भाजपा नेता प्रकाश जावडेकर, भूपेंद्र यादव, शिवसेना के संजय राउत, सुभाष देसाई सहित कई नेताओं को हिस्सा लेना था।
राउत ने आज सुबह भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि यहां कोई दुष्यंत चौटाला नहीं है, जिनके पिता जेल में हैं। हम महाराष्ट्र में सच्चाई की राजनीति करते हैं। अगर कोई हमें सत्ता से दूर रखने की कोशिश करता है, तो इसे सच्चाई की राजनीति नहीं कहा जाता है। हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है।
इससे पहले शिवसेना के 50-50 फॉर्मूले का करार चुनाव से पहले होने के दावों को खारिज करते हुए फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार बनेगी। लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन की औपचारिकता की गई थी, उस समय शिवसेना से ढाई साल मुख्यमंत्री का पद उसके पास रहने का वादा नहीं किया गया था।
इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने मीडिया से कहा है कि हमारा अभी तक शिवसेना की ओर से कोई संवाद स्थापित नहीं हुआ है। अगर यह होता है, तो हम इस मामले को निर्णय करने के लिए पार्टी नेतृत्व के सामने रखेंगे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) पहले ही विपक्ष में बैठने की बात कह चुकी है।
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