गुरुदेव के साथ देश के संघीय ढांचे का किया अपमान- JP नड्डा

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कोलकाता। विश्वभारती विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल नहीं होने को लेकर सियासी रार बढ़ती जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इसको लेकर ममता पर करारा वार किया है। उन्होंने कहा कि विश्वभारती विश्वविद्यालय दुनिया भर में बंगाल की पहचान है। परंतु सिर्फ़ राजनीतिक विद्वेष के कारण ममता बनर्जी इसमें शामिल नही हुई। उन्होंने अपने अहम के लिए आज गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर और देश के संघीय ढांचे का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि वो बार-बार संघीय ढांचे की दुहाई देती है किंतु हर मौके पर संवैधानिक मूल्यों को तार-तार करती हैं।

नड्डा ने एक के एक ट्वीट कर कहा कि विश्वभारती विश्वविद्यालय दुनिया भर में बंगाल की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी विश्वभारती के शताब्दी समारोह से जुड़े। परंतु सिर्फ़ राजनीतिक विद्वेष के कारण ममता बनर्जी इसमें शामिल नही हुई। उन्होंने अपने अहम के लिए आज गुरुदेव और देश के संघीय ढांचे का अपमान किया है।

दूसरे ट्वीट में नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी जिस द्वेष, अहंकार, झूठ और अत्याचार के पथ पर हैं, वह गुरुदेव रवींद्रनाथ और स्वामी विवेकानंद की संस्कृति नहीं, वह सुभाष चंद्र बोस और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की संस्कृति नहीं, वह बंगाल की संस्कृति नहीं। यह ममता और तृणमूल कांग्रेस की संस्कृति है, जो बंगाल को बार-बार शर्मसार करती है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और बंगाल की संस्कृति, साहित्य और दर्शन में गहरी आस्था है। उन्होंने बंगाल को हमेशा अनुकरणीय और देश को दिशा देने वाला माना है। अब बंगाल ममता के अहंकार को तार-तार करेगा और भाजपा को सोनार बंगाल बनाने का मौका देगा।

नड्डा ने कहा कि ईर्ष्या, राजनीतिक विद्वेष व प्रतिद्वंदिता के चलते ममता बनर्जी ने विश्वभारती के शताब्दी समारोह का बहिष्कार किया। उन्होंने बंगाल की संस्कृति व गुरुदेव टैगोर के गौरव को धूमिल किया। वो बार-बार संघीय ढांचे की दुहाई देती है किंतु हर मौक़े पर संवैधानिक मूल्यों को तार-तार करती हैं।

गौरतलब है कि बंगाल के शांतिनिकेतन स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी विश्वविद्यालय से निकला संदेश आज पूरे विश्व तक पहुंचा रहा है। बताते चलें कि भाजपा द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद ममता ने दावा किया कि विश्वभारती के शताब्दी समारोह के लिए उन्हें कोई आमंत्रण नहीं दिया गया था। हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से एक पत्र सार्वजनिक किया गया जिसमें 4 दिसंबर को ही कुलपति की ओर से ममता को शताब्दी समारोह के लिए आमंत्रण पत्र भेजा गया था।

 

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