कश्मीर में पाबंदी का दावा कर रहे लोगों का अस्तित्व आतंकवाद पर निर्भर: जनरल बिपिन रावत

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आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत एक बार फिर से कहा है कि कश्मीर में सबकुछ ठीक है। झारखंड के रामगढ़ में जनरल रावत ने बुधवार को कहा कि घाटी में लोग आजादी से घूम रहे हैं। जो लोग दावा कर रहे हैं कि कश्मीरी वहां बंद हैं, उनका अस्तित्व आतंकवाद पर निर्भर है। आर्मी चीफ यहां पंजाब रेजिमेंट की 29वीं और 30वीं बटैलियन को प्रेसिडेंट्स कलर से सम्मानित करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।

आर्मी चीफ ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ है। लोग अपने आवश्यक काम कर रहे हैं, स्पष्ट संकेत हैं कि काम नहीं रुका है और लोग स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं। जिन लोगों को लगता है कि जीवन प्रभावित हुआ है, उनका अस्तित्व आतंकवाद पर निर्भर है।’ रावत ने कहा कि ईंट भट्ठे सामान्य रूप से चल रहे हैं, ट्रकों में बालू ढोए जा रहे हैं और दुकानें खुली हैं, जिससे लगता है कि घाटी में जनजीवन सामान्य है।

एलओसी पर तनाव के सवाल का नहीं दिया जवाब
सेना प्रमुख ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या नियंत्रण रेखा के पास तनाव है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भूकंप आने के कारण लोगों को समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। पीओके में मंगलवार को 5.8 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसमें कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हो गए।

बता दें कि आर्मी ने मंगलवार को कुछ फोटो और विडियो जारी किए थे, जिसमें जम्मू-कश्मीर में सेबों की गाड़ियों में लोडिंग, खेतों में हो रहे कामकाज और लोगों के घूमने-फिरने को दिखाया गया। रावत ने सोमवार को इन दावों को खारिज किया था कि जम्मू-कश्मीर में शिकंजा कसना जारी है और कहा कि आतंकवादियों ने इस तरह की छवि पेश की है ताकि बाहरी दुनिया के समक्ष कड़े कदमों की गलत तस्वीर पेश की जा सके। गौरतलब है कि 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से वहां पाबंदियां लगाई गई थीं।

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