मिट्टी का मोल मृदा स्वास्थ्य कार्ड से जानेंगे, फसलों की पैदावार बढ़ाने में कारगर होगी जांच

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पौड़ी। सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो आने वाले दिनों में मृदा स्वास्थ्य कार्ड यानी खेतों की मिट्टी की जांच कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने में काफी कारगर साबित होगी। इसके लिए पौड़ी गढ़वाल में कृषि विभाग की ओर से ब्लॉकवार गांवों का चयन कर लिया गया है। चयनित गांवों में किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच की जाएगी, जिसमें किस खेत की मिट्टी किस फसल के लिए उपयोगी साबित होगी ये पता लगाकर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाएंगे। फिलवक्त विभाग की ओर से इस दिशा में ग्रामीणों को जागरुक करने की कवायद शुरु कर दिया गया है।

विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पौड़ी जनपद में पंद्रह विकासखंड हैं। यहां के कई गांवों से पलायन भी हुआ है, जिससे काफी हद तक खेती प्रभावित हुई है। कृषि विभाग के मुताबिक मौजूदा समय में जनपद में 84 हजार 19 जोत हैं। इन सब को देखते हुए विभाग ने जनपद में ब्लॉकवार गांवों का चयन किया है। यहां विभागीय कार्मिक किसानों के खेतों से परीक्षण के लिए मिट्टी के नमूने लेंगे। इसके अलावा किसान खुद भी विभाग के माध्यम से अपने खेतों की मिट्टी का परीक्षण करा सकेंगे। कृषि विभाग ने जनपद में ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर कार्मिक तैनात किए गए हैं, जो किसानों को मिट्टी की महत्ता के बारे में गोष्ठी आयोजित कर जागरुक भी करेंगे। फिलवक्त विभाग की ओर से इस दिशा में श्रीनगर लैब में परीक्षण का कार्य शुरु कर दिया गया है।

ब्लॉकवार चयनित गांव की संख्या

पौड़ी-30, कोट-25, कल्जीखाल- 20, पाबौ- 27, खिर्सू-20, थैलीसैंण-40, एकेश्वर-20, पोखड़ा- 20, जयहरीखाल-30, बीरोंखाल-40, नैनीडांडा- 30, रिखणीखाल- 20, दुगड्डा- 40, द्वारीखाल-30, यमकेश्वर- 20

क्या है मृदा स्वास्थ्य कार्ड

पौड़ी के मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि पहले लैब से मिट्टी की जांच होगी। फिर एक कार्ड तैयार होगा, जो किसान को दिया जाएगा। इसे मृदा स्वास्थ्य कार्ड कहा जाता है। इसमें यह उल्लेख होगा कि किस खेत की मिट्टी में कितनी उर्वरा शक्ति है और इसमें किसान कौन सी फसल को उगाकर कृषि उत्पादों को बढ़ावा दे सकता है। कृषि विभाग की ओर से जनपद के पंद्रह ब्लॉकों में 412 गांवों का चयन मृदा स्वास्थ्य परीक्षण के लिए किया गया है। मृदा स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर इन दिनों चयनित गांवों में तिथिवार गोष्ठियां आयोजित कर उन्हें मिट्टी की महत्ता और परीक्षण के माध्यम से फसल उत्पाद बढ़ाने के बारे में जानकारियां दी जा रही हैं।

 

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