नई दिल्ली
विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर जाने के लिए विस्तारा की फ्लाइट पर पहुंच चुके हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और गुलाम नबी आजाद, एनसीपी नेता माजिद मेमन, सीपीआई लीडर डी. राजा के अलावा शरद यादव समेत कई दिग्गज नेता विमान में सवार हैं। हालांकि, कहा जा रहा है कि इन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर निकलने नहीं दिया जाएगा। जब फ्लाइट पर मीडिया ने नेताओं के सामने यह आशंका प्रकट की तो माजिद मेनन ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो यह लोकतंत्र की हत्या होगी।
गुलाम नबी के आरोप
इससे पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कश्मीर में हालात को लेकर आज एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि हालात ठीक है, लेकिन हमें भी वहां नहीं जाने दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि हमको अपने घर नहीं जाने देते तो इसका मतलब है कि सरकार कुछ छिपा रही है। राज्य के वरिष्ठ नेताओं की नजरबंदी पर भी आजाद ने सवाल उठाए।
केंद्र सरकार पर कांग्रेस नेता ने लगाया राजनीति का आरोप
विपक्षी नेताओं के दल के श्रीनगर रवाना होने से पहले आजाद ने अपने घर पर मीडिया से बात की। उन्होंने सरकार के कश्मीर पर विपक्षी दलों द्वारा राजनीति करने पर पलटवार करते हुए कहा, ‘जिनको राजनीति करनी थी उन्होंने राजनीति कर दी। राज्य के दो टुकड़े कर दिए। हम वहां जाना चाहते हैं ताकि सरकार की मदद कर सकें। विपक्षी नेता भी कानून को समझने और उसका पालन करनेवाले लोग होते हैं।’
आजाद का आरोप, सरकार कश्मीर के हालात छुपा रही
आजाद ने कश्मीर में नेताओं की नजरबंदी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘जम्मू के बच्चों को कश्मीरी बताकर हालात सामान्य होने की बात कही जा रही है। हालात सामान्य हैं तो मेरा कश्मीर घर है, मैं प्रदेश का पूर्व सीएम हूं, मुझे वहां क्यों नहीं जाने दिया जा रहा? अगर हालात ठीक हैं तो सरकार क्यों उमर अब्दुल्ला के गलियों में घूमने पर रोक लगाए हुए हैं। महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला को घर में बंद किया गया है। इसका मतलब है कि सरकार कुछ छिपा रही है। सरकार क्या छुपाना चाह रही है, हमें बताए।’
आज जानेवाले हैं श्रीनगर के दौरे पर विपक्षी नेता
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पैदा हुए हालात का जायजा लेने के लिए राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता शनिवार को श्रीनगर का दौरा करने की तैयारी में हैं। इस बीच जम्मू-कश्मीर के प्रशासन ने उनसे दौरे को टालने की अपील की है। साफ है कि ऐसी स्थिति में प्रशासन और विपक्षी नेताओं के बीच रस्साकशी देखने को मिल सकती है। इस बीच विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधि दल में शामिल माजिद मेमन ने कहा कि हम सरकार का विरोध करने नहीं जा रहे हैं। हम सरकार के सहयोग के लिए ही जा रहे हैं।
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