सीएम खट्टर: असम में नागरिकों की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया हरियाणा में भी अपनाई जाएगी

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नई दिल्ली: असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स यानी NRC से 19 लाख से ज्यादा लोग बाहर हो गए हैं। ऐसे में इसे लेकर वहां काफ़ी विवाद है। इस सबके बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दोहराया है कि असम में नागरिकों की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया हरियाणा में भी अपनाई जाएगी। खट्टर ने बताया कि इस सिलसिले में उन्होंने राज्य मानवाधिकार आयोग के पूर्व चेयरमैन और रिटायर्ड जस्टिस एचएस भल्ला और नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा से बात की है।अब हरियाणा में भी असम की ही तरह NRC रजिस्टर तैयार कराया जाएगा। खट्टर का ऐलान ऐसे समय आया है जब राज्य में चुनाव सिर पर हैं। लेकिन इस मुद्दे को लेकर भी हरियाणा में कांग्रेस के सुर एक नही हैं।

हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने कहा है कि चुनावों को देखते हुए खट्टर ऐसी बातें कर रहे हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस मु्द्दे पर एक तरह से मनोहर लाल खट्टर का साथ देते दिखे। उन्होंने कहा कि जो भी मुख्यमंत्री ने कहा है वह कानून है, बाहरियों को जाना होगा।यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इनकी पहचान करे। गौरतलब है कि काफी नाटकीय घटनाक्रम के बाद कुमारी शैलजा को हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है। लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस के नेताओं ने किसी बड़े मुद्दे पर अलग-अलग बयान दिए हों। इससे पहले जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया था तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा में इसके पक्ष में बयान दिया था। वहीं पार्टी के पूर्व महासचिव जनार्दन द्विवेदी भी ने भी कहा था कि एक ऐतिहासिक गलती को सुधार दिया गया है।

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