संभल मस्जिद विवाद: क्या कहती है आइन-ए-अकबरी?

संभल मस्जिद विवाद: क्या कहती है आइन-ए-अकबरी?

संभल में मस्जिद को लेकर भड़की हिंसा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। चार लोगों की जान चली गई और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इस विवाद की जड़ में है एक ऐतिहासिक विवाद – क्या यह मस्जिद पहले एक मंदिर थी? इस विवाद के बीच, एक किताब का ज़िक्र बार-बार हो रहा है – आइन-ए-अकबरी। लेकिन आखिर ये किताब इस विवाद में कैसे जुड़ी है? क्या इसमें संभल की इस मस्जिद का ज़िक्र है? आइए जानते हैं इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और आइन-ए-अकबरी के रोल के बारे में।

विवाद की शुरुआत: एक ऐतिहासिक विवाद

संभल की जामा मस्जिद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। एक पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद एक प्राचीन मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। यह आरोप लगाया गया है कि मुगल काल में मंदिर को ध्वस्त करके इसकी जगह मस्जिद बनाई गई। इसी दावे के आधार पर हाल ही में मस्जिद का सर्वे किया गया जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। सर्वे के दौरान हुई झड़पों में चार लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए।

आइन-ए-अकबरी: एक ऐतिहासिक दस्तावेज़

आइन-ए-अकबरी, मुगल सम्राट अकबर के दरबारी इतिहासकार अबुल फजल द्वारा लिखी गई एक महत्वपूर्ण किताब है। यह अकबर के शासनकाल (1556-1605 ई.) के प्रशासन, संस्कृति और समाज पर प्रकाश डालती है। यह पुस्तक उस समय के सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन की एक विस्तृत तस्वीर पेश करती है। इस किताब में संभल शहर का भी ज़िक्र है, जिसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और प्रशासनिक केंद्र बताया गया है।

क्या आइन-ए-अकबरी में है संभल मस्जिद का जिक्र?

आइन-ए-अकबरी में सीधे तौर पर संभल मस्जिद के निर्माण या किसी मंदिर के विध्वंस के बारे में कोई उल्लेख नहीं है। हालांकि, पुस्तक में संभल के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व पर ज़ोर दिया गया है। यह पुस्तक संभल में उस समय की जनसंख्या, व्यापार, कर व्यवस्था, धार्मिक स्थलों (मंदिर और मस्जिद) आदि का वर्णन करती है। इसलिए, इस पुस्तक को विवाद के समाधान में एक सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन ये साफ तौर पर विवाद को हल नहीं कर पाती।

अन्य स्रोत और बहस

हालांकि आइन-ए-अकबरी में सीधा जवाब नहीं है, लेकिन बाबरनामा जैसे अन्य ऐतिहासिक स्रोतों में संभल में मंदिरों के विध्वंस और मस्जिदों के निर्माण के संदर्भ मिलते हैं। यह विवाद अभी भी जारी है, और इसके कई पहलू हैं। कुछ लोग आइन-ए-अकबरी में उल्लिखित सांस्कृतिक विवरणों पर जोर देते हैं, जबकि दूसरे बाबरनामा जैसे अन्य स्रोतों के संदर्भ का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह बहस जटिल है और केवल ऐतिहासिक दस्तावेज़ों पर ही निर्भर नहीं करती।

Take Away Points:

  • संभल मस्जिद विवाद एक जटिल ऐतिहासिक विवाद है जिसकी जड़ें मुगल काल में हैं।
  • आइन-ए-अकबरी में संभल का ज़िक्र ज़रूर है, लेकिन इस मस्जिद के निर्माण या मंदिर के विध्वंस के बारे में कोई सीधा उल्लेख नहीं है।
  • विवाद के निपटारे के लिए विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों की व्याख्या पर जोर दिया जा रहा है।
  • हिंसा की घटनाओं ने इस विवाद को और भी जटिल बना दिया है।

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