उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आरओ कम्पनी के कर्मचारी प्रदीप पाल (27) की हत्या उसके पूर्व किरायेदार ने क्राइम सीरियल देखने के बाद की थी। शुक्रवार को हत्यारोपी को गिरफ्तार कर मड़ियांव पुलिस ने इसका दावा किया। आरोपी से पुलिस ने गमछा बरामद किया है। जिसका इस्तेमाल कर प्रदीप की हत्या की गई थी।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि 16 सितंबर को उमरभारी गांव के पास झाड़ियों में युवक का शव पड़ा मिला था। जिसकी पहचान मड़ियांव निवासी प्रदीप पाल के रूप में हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाये जाने से मौत होने की पुष्टि हुई थी। मगर, प्रदीप के परिवार वाले इस बात को मानने को तैयार नहीं थे। वहीं, झाड़ियों में शव मिलने के कारण पुलिस का संदेह गहरा गया था। इस पर प्रदीप के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई। छानबीन में एक संदिग्ध नम्बर के बारे में पता चला। जिसकी लोकेशन घटना के वक्त प्रदीप के साथ थी। संदिग्ध नम्बर मूलत: मछरेहटा निवासी अनुराग पाल इस्तेमाल कर रहा था। जो कुछ वक्त पहले तक पत्नी के साथ प्रदीप के मकान में किराये पर रहता था। सीओ अलीगंज ने बताया कि शुक्रवार सुबह अनुराग पाल को महर्षि विद्यालय के पास से गिरफ्तार किया गया है।
बाइक कैरियर में गमछा फंसा कर कसा था गला
अनुराग नेबताया कि प्रदीप उसकी पत्नी पर निगाह रखता था। इस पर अनुराग ने मकान बदल दिया था। पर, प्रदीप उसके घर आता रहा। पत्नी के मोबाइल में प्रदीप की कॉल मिलने पर अनुराग आपा खो बैठा। 15 सितंबर को उसने फोन कर प्रदीप को बुलाया। उस दिन प्रदीप ने बीयर पिलाई। वहीं, अगले दिन अनुराग से बीयर पिलाने के लिये कहा। अनुराग ने 16 सितंबर को प्रदीप को उमरभारी गांव के पास बुलाया। जहां प्रदीप को उसने बीयर के साथ शराब मिला कर पिला दी। नशा हावी होने पर प्रदीप बाइक पर कैरियर की तरफ सिर करके लेट गया। मौका पाकर अनुराग ने कैरियर में गमछा फंसा कर प्रदीप की गला कस कर हत्या कर दी। इंस्पेक्टर मड़ियांव ने बताया कि छटपटाने के कारण प्रदीप बाइक से नीचे गिर गया था। इससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैगिंग से मौत होने की पुष्टि हुई थी।
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