पाक में आई कब्र की किल्लत, शवों को दो गज जमीन नहीं दिलवा पा रहे लोग

डेस्क। भारत का पड़ोसी देश पाक, महँगाई की मार, रिसोर्सेज की कमी और राजनीतिक उठापटक से बेहाल होता दिखाई दे रहा है। आलम ये आ चुका है कि पाकिस्तान में लोग अपने परिजनों के पार्थिव शरीर हो दफनाने में भी असमर्थ नज़र आ रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में कब्रिस्तानों में मृतकों को दफनाने के लिए जगह ही शेष नहीं बची है। 

कराची में भूमि के कमी होने के बाद लोग पहले से दफनाए गये मृतकों के कब्रों को तोड़कर उसमें दूसरे शवों को दफनाने को मजबूर हैं। 

सामने आईं रिपोर्ट्स के मुताबित शहर में पुराने मकबरे टूटे हुए देखे जा सकते हैं। कब्रिस्तान में जगह के संकट के बीच कब्र माफियाओं भी हावी होते हुए नज़र आ रहें हैं।

इस संकट ने अब लोगों की कमर तोड़ना शुरू कर दिया है। लाशों को दफन करवाने के लिए कब्र माफियाओं को मोटी रकम देने पर लोग मजबूर हैं। बता दें कि इस शहर में करीबन 250 कब्रिस्तान हैं।

इस किल्लत को लेकर कराची के 39 कब्रिस्तानों का प्रबंधन करने वाले कराची मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन (केएमसी) के प्रवक्ता अली हसन साजिद ने एक मीडिया संस्थान को बताया कि, वास्तविक समस्या यह है कि बुनियादी ढांचा अपर्याप्त है। शहर में पाकिस्तान की स्थापना के समय का बुनियादी ढांचा आज के समय तक मौजूद है। सब वैसा ही है, कुछ घटा -बढा नहीं,जबकि शहर की जनसंख्या हर साल बढ़ती ही जा  रही है। 

हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कराची में लाशों का सरकारी दफन शुल्क 7,900 रुपये है पर बीते साल दो लोगों ने अपने परिजन के शवों को दफनाने के लिए 55,000 और 175,000 रूपये तक का भुगतान किया था। 

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