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पडरौना,कुशीनगर : सौतेली मां और चाचा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाने वाले किशोर की घर छोड़ने की कहानी को अब मनगढ़ंत बताया जा रहा है। चार दिन पहले खड्डा रेलवे स्टेशन पर एक महिला को मिले महराजगंज के एक गांव के किशोर ने जिंदा सगी मां को मरा हुआ बता दिया था। उसने अपनी उम्र 10 साल बताई और कहा कि सौतेली मां और चाचा मिलकर सम्पत्ति की लालच में उसे प्रताडि़त कर रहे हैं।
अब चाइल्ड लाइन की रेस्क्यू टीम की पड़ताल से पता चला है कि न सिर्फ किशोर की मां जिंदा है बल्कि उसकी उम्र भी 10 नहीं 16 साल है। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का सिराज 19 अगस्त की रात 9 बजे घर से निकलकर खड्डा रेलवे स्टेशन पहुंच गया था। वह उसी दौरान एक ट्रेन से स्टेशन पर उतरीं खड्डा खुर्द निवासी रंजना को रोता हुआ मिला। रंजना सिराज को अपने घर ले गईं। अगले दिन पुलिस को सौंप दिया। सिराज ने पुलिस को बताया कि उसकी मां की मौत के बाद पिता खजबुद्दीन ने दूसरी शादी कर ली। उससे तीन बेटिया हुईं। बाद में पिता की भी मौत हो गई। इसके बाद संपत्ति की लालच में सौतेली मां और चाचा उसे प्रताड़ित करने लगे। इससे तंग आकर वह घर से भागकर गोरखपुर पहुंच। वह एक होटल में काम करने लगा। लेकिन कुछ दिन काम कराने के बाद होटल मालिक ने बिना मजदूरी दिए उसे भगा दिया।
सिराज के मुताबिक वह दोबारा घर पहुंचा तो उसके ऊपर अत्याचार कई गुना बढ़ गए। चाचा ने उसके शरीर पर बिजली के झटके देने शुरू कर दिए। वह संपत्ति हड़पना चाहते थे। परेशान होकर सिराज घर से निकल गया। ट्रेन से खड्डा पहुंच गया। पुलिस ने चाइल्ड लाइन को सिराज को सौंप दिया। चाइल्ड लाइन की टीम ने उसे पड़रौना स्थित अपने कार्यालय में रखा। बुधवार को टीम ने उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। समिति ने बच्चे को उसके नाना के घर पहुंचाने का आदेश दिया। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक हिमांशु पाठक और सदस्य सुनील और मृत्युंजय शर्मा की टीम सिराज को लेकर उसके नाना के घर पहुंचे। सिराज के नाना ने बताया कि उसकी सगी मां जिंदा है। अलबत्ता बीमारी के चलते पिता की मौत हो चुकी है। सिराज बार-बार घर छोड़कर भाग जाता है। सौतेली मां और चाचा के प्रताड़ित करने का आरोप पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत है।
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