चैंपियंस ट्रॉफी 2025: पाकिस्तान का ऐलान, भारत का फैसला – क्या होगा आगे?

चैंपियंस ट्रॉफी 2025: पाकिस्तान की मेज़बानी पर मँडराता है सस्पेंस!

क्या आप जानते हैं कि 2025 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मेज़बानी पाकिस्तान को मिली थी, लेकिन अब इस टूर्नामेंट का भविष्य अनिश्चितता के साये में है? भारत सरकार ने भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान भेजने से मना कर दिया है, जिससे आईसीसी को ‘हाइब्रिड मॉडल’ पर विचार करना पड़ रहा है। क्या पाकिस्तान इस ‘हाइब्रिड मॉडल’ को स्वीकार करेगा? क्या चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन में देरी होगी या इसे रद्द कर दिया जाएगा? इस लेख में हम आपको इस रोमांचक कहानी से रूबरू कराते हैं!

हाइब्रिड मॉडल: क्या है पाकिस्तान की शर्त?

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) शुरू में ‘हाइब्रिड मॉडल’ से सहमत नहीं था, लेकिन अब कुछ शर्तों के साथ इसे स्वीकार करने को तैयार है। पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी का मानना है कि क्रिकेट को जीतना चाहिए, लेकिन सभी का सम्मान भी जरूरी है। उनका कहना है कि जो भी मॉडल अपनाया जाए, वो समान शर्तों पर होना चाहिए। पाकिस्तान चाहता है कि 2031 तक भारत में होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट्स में भी यही व्यवस्था लागू हो, यानी पाकिस्तान इस अवधि के दौरान भारत में कोई मैच नहीं खेलना चाहता। यह एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि भारत को 2031 तक तीन बड़े आईसीसी पुरुष टूर्नामेंटों की मेज़बानी करनी है।

पीसीबी की मांगें: राजस्व में बढ़ोतरी और अन्य शर्तें

पीसीबी की एक और अहम मांग है कि आईसीसी मौजूदा वित्तीय चक्र में उसके राजस्व के हिस्से को 5.75 प्रतिशत से बढ़ा दे। मोहसिन नकवी इस पर अड़े हुए हैं, लेकिन उन्होंने मेज़बानी के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं माँगा है। यह मांग आईसीसी के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है क्योंकि आईसीसी पहले ही अपने राजस्व के हिस्से का निर्धारण कर चुका है। भारत को सबसे ज़्यादा हिस्सा मिलता है, जो पाकिस्तान से सात गुना ज़्यादा है। यह मांग संभावित तौर पर पूरे टूर्नामेंट के आयोजन पर ही सवालिया निशान लगा सकती है।

भारत के मैच दुबई में? खिताबी मुकाबला लाहौर में?

पाकिस्तान के अनुसार, ‘हाइब्रिड मॉडल’ के तहत भारत के सभी मैच दुबई में आयोजित किए जाएँगे, जबकि बाकी मैच पाकिस्तान में होंगे। पाकिस्तान ये भी चाहता है कि लाहौर को खिताबी मुकाबले के लिए बैकअप वेन्यू के तौर पर रखा जाए, और अगर भारत फाइनल में नहीं पहुंचता है तो खिताबी मुकाबला लाहौर में आयोजित किया जाए। अगर टूर्नामेंट स्थगित होता है तो पीसीबी को लाखों डॉलर का नुकसान हो सकता है और इससे पीसीबी के वार्षिक राजस्व में भी कमी आ सकती है। इस मसले का असर आईसीसी के आधिकारिक प्रसारक स्टार पर भी पड़ सकता है।

टूर्नामेंट का आयोजन कब होगा?

इस प्रतियोगिता का आयोजन 19 फरवरी से 9 मार्च के दौरान होने की संभावना है, लेकिन भारत के भाग लेने और मेजबानी मॉडल को लेकर अभी भी अनिश्चितता है। भारत ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद से पाकिस्तान में क्रिकेट नहीं खेला है, यह एक बड़ा कारण है। यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि एशिया कप 2023 में भारत ने अपने सभी मैच ‘हाइब्रिड मॉडल’ के तहत श्रीलंका में खेले थे।

क्या है आगे की रणनीति?

आईसीसी कार्यकारी बोर्ड अब पाकिस्तान की मांगों पर विचार करेगा और जल्द ही कोई निर्णय लेने की उम्मीद है। यह देखना होगा कि क्या ‘हाइब्रिड मॉडल’ सफल होता है या फिर चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर और कोई समाधान निकाला जाता है। इस पूरे मामले ने क्रिकेट की राजनीति को एक बार फिर उजागर किया है और इस बहस में भारत, पाकिस्तान और आईसीसी तीनों ही अहम भूमिका निभा रहे हैं।

टेक अवे पॉइंट्स

  • आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के आयोजन को लेकर अनिश्चितता बरकरार है।
  • भारत का पाकिस्तान में खेलने से इनकार करने के कारण आईसीसी को ‘हाइब्रिड मॉडल’ पर विचार करना पड़ रहा है।
  • पीसीबी कुछ शर्तों के साथ ‘हाइब्रिड मॉडल’ को स्वीकार करने के लिए तैयार है, जिसमें राजस्व हिस्सेदारी में बढ़ोतरी भी शामिल है।
  • भारत के मैच दुबई में होने की संभावना है, जबकि अन्य मैच पाकिस्तान में होंगे।
  • यह निर्णय क्रिकेट की दुनिया पर बड़ा असर डालेगा, इसलिए सभी की निगाहें अब आईसीसी पर टिकी हुई हैं।

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