पुलिस टीम ने मदरसे में पढ़ने वाली 51 छात्राओं को मुक्त करवाया

छात्राओं ने पर्चियां फेंककर खोला मदरसे का राज
लखनऊ के मदरसे में पुलिस ने छापा मारकर यौनशोषण का शिकार 51 छात्राओं का कराया बंधन मुक्त।
Madarsa

लखनऊ।  “अस्सलाम वालेकुम” एक रात को कारी ने एक लड़की को कमरे में बुलाया था। कारी ने उस लड़की के साथ बहुत बुरा किया। कारी लड़कियों को अपनी एक करीबी लड़की के जरिये किचेन में बुलाता है। कारी लड़कियों को अपने कमरे में बुलाकर पैर दबवाता है। मना करने पर जानवरों की तरह पीटता है। उसकी करीबी लड़की कहती है कारी के कमरे में जाओ वो जैसा कहेंगे वैसा करना। विरोध करने पर वह लड़कियों को पीटती है। सभी लड़कियां बहुत परेशान हैं वह शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देता है। ये पढ़ने के बाद पर्ची फाड़ देना नहीं तो कारी मार देगा।
पुलिस टीम ने मदरसे में पढ़ने वाली 51 छात्राओं को मुक्त करवाया।

एसएसपी दीपक कुमार ने की तत्काल कार्रवाई
दिल को झकझोर देने वाली ये बातें सहित कई तरह की बातें लिखी पर्चियां जब सआदतगंज थाना क्षेत्र के यासीनगंज में स्थित मदरसा जामिया ख़दीजातुल लीलबनात के पास छत से गिरीं तो वहां मौजूद लोगों ने इन्हें उठाकर पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। इसकी शिकायत लोगों ने थाने पर की तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम उनके पर फोन आया। बुजुर्गों ने कहा कि वह एक बात के सिलसिले में उनसे मिलना चाहते हैं। एसएसपी से मिलने गए बुजुर्गों ने बतायाकि सआदतगंज इलाके में जामिया खदीजतुल कुबरा लीलबनात नाम से मदरसा चल रहा है। वहां लड़क‍ियों के साथ बहुत गलत काम हो रहा है। ये सब कई सालों से चल रहा है। ये बात सुनकर एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसपी पश्चिमी के निर्देशन में एक टीम बनाई और शाम के 6:00 बजे मदरसे पर छापा मारा। पुलिस टीम की छापेमारी के दौरान वहां मौजूद 51 लड़कियों को बंधनमुक्त करा दिया गया।
अकेले में बुलाकर करता था छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें 
पीड़‍ित लड़क‍ियों ने बताया कि मदरसा संचालक मो. तैय्यब जिया अमानवीय प्रवृत्ति का व्यक्त‍ि है। यहां पढ़ने वाली लड़क‍ियों के साथ छेड़छाड़ करता है। संचालक उनसे पैर दबवाता था और व‍िरोध करने पर जानवरों जैसा सलूक करता था। शुक्रवार देर शाम हुई इस कार्रवाई में लखनऊ पुलिस ने मदरसा संचालक को गिरफ्तार कर लिया। लड़कियों का आरोप है क‍ि यहां उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस टीम ने मदरसे में पढ़ने वाली 51 छात्राओं को मुक्त करवाया। एसएसपी ने बताया कि मदरसे में कुल 125 लड़कियां पढ़ती हैं। एसएसपी का कहना है कि मदरसे में कक्षा एक से 12वीं तक की छात्राएं शिक्षा ग्रहण करती थीं। इनमें अधिकांश छात्राएं नाबालिग हैं। मदरसे पर ACM और ADM और महिला उप निरीक्षक के द्वारा सभी लड़कियों का बयान लिया गया है। इस दौरान चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और DPO को सूचित कर दिया गया है। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि मदरसे का प्रबंधक और संचालक मो. तैयब जिया सभी का यौनशोषण कर रहा था। पुलिस ने आरोपी संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। लड़कियों को एक रात के लिए नारी निकेतन में रखा गया यहां से उनको घर भेज दिया गया।
मदरसे में बिहार और विदेश की लड़कियां रहती हैं
सआदतगंज के यासीनगंज स्थित मदरसे में मासूम छात्राओं को बंधक बनाकर लंबे समय से यौन शोषण किया जा रहा था। मदरसा में 9 बिहार और 2 विदेशी युवतियां रह रही थी। वहीं एक पीडि़ता ने संचालक मो. तैयब जिया पर लड़कियां सप्‍लाई करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस इस घिनौने काम में शामिल अन्य लोगों की गहनता से पड़ताल कर रही है। फ़िलहाल एक संचालक ने पूरे देश में शहर का नाम बदनाम करके रख दिया है। एसएसपी ने बताया मदरसे मामले में गिरफ्तार आरोपी संचालक की शनिवार दोपहर दो बजे कोर्ट में पेशी है। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जायेगा।

लखनऊ पुलिस का सराहनीय गुडवर्क
एसएसपी दीपक कुमार का ये सराहनीय गुडवर्क कहा जा रहा है। बताया जा रहा है कि सभी लड़कियां काफी समय से यहां बंधक बनाकर रखी जा रही थीं। एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक मदरसे के भीतर हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं के यौन शोषण की शिकायत मिली थी। एसएसपी ने एक शिकायत पर छापेमार कार्रवाई कर सभी को छुड़ा लिया। छात्राओं ने भी चिट्ठी में पीड़ा लिखकर पुलिस से इसकी शिकायत की, जिसके बाद आरोपित संचालक कारी तैयब जिया को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला पुलिस, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की महिला सदस्यों और मजिस्ट्रेट के समक्ष छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं। छात्राओं ने बयान में बंधक बनाने, मारपीट एवं कमरे में बुलाकर छेड़छाड़ करने समेत अन्य बातें कही हैं। पुलिस ने इसके आधार पर आरोपित सैयद जिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
 
मदरसे में परिजनों ने काटा हंगामा
एसएसपी ने देर शाम एएसपी पश्चिम विकास चंद त्रिपाठी, एडीएम सिटी संतोष कुमार वैश्य, अल्पसंख्यक विभाग एवं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की एक टीम बनाकर छापेमारी की। मदरसे में कुल 151 छात्राएं रहती थीं। छापेमारी के दौरान वहां 51 छात्राएं मौजूद मिलीं। छात्राओं ने संचालक पर बंधक बनाकर रखने का भी आरोप लगाया है। मदरसे में पढ़ने वाली लडकियों के साथ यौन शोषण करने कि बात जैसे ही उनके परिजनों को मिली तो उनके होश उड़ गए। ये बातें सुनकर बच्चों के अभिभावक आनन फानन में मदरसे पहुंचे। सभी ने मदरसे में तोड़फोड़ के साथ हंगामा किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को काबू में किया। इस घटना को जो भी सुन रहा है वह आग बबूला हो जा रहा है।
 
शिक्षा के मंदिर में घिनौना काम
बालिका विद्यालयों में चल रहे इस घिनौने खेल ने शिक्षा विभाग को शर्मसार कर दिया है। मदरसे के प्रबंधक ने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया है। शिक्षा के मंदिर में चल रहे लड़कियों के साथ यौन शोषण के इस घिनौने काम का खुलासा होने के बाद अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है। वह अपने बच्चों को मदरसे में भेजने से घबरा रहे हैं। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। मदरसे के प्रबंधक ने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया है। एएसपी पश्चिम विकास चंद त्रिपाठी के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पूर्व मदरसे का संचालन शुरू हुआ था। खुद को संरक्षक बताने वाले सैयद अशरफ जिलानी का दावा है कि उन्होंने जमीन खरीदकर मदरसा शुरू कराया था और देखरेख के लिए सैयद जिया को रखा था।

फार्महाउस में ले जाकर करवाता था डांस
आरोप है कि सैयद जिया लड़कियों को बहाने से कार में बैठकर दुबग्गा मछली मंडी स्थित खदीजतुल कुबरा फाउंडेशन के नाम से बनी कॉलोनी में लेकर जाता था। यहां वह फार्महाउस में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करता था। इतना ही नहीं लड़कियों से आरोपी यहां डांस करवाता था। पुलिस ने मदरसे में रखा छात्राओं का सामान निकलवाकर बाल संरक्षण गृह में भिजवाया है। साथ ही आरोपित के कमरे की तलाशी भी ले रही है। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने यौन शोषण की शिकायत पूर्व में मौजूद एक शिक्षक से की थी। इस पर उक्त शिक्षक ने आरोपित की करतूत का विरोध किया था, जिसपर सैयद जिया ने उस शिक्षक को ही मदरसे से बाहर निकाल कर दिया था। लड़कियों को कई बार लोगों ने लाते ले जाते देखा था।

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