ONGC के डिजिटल परिवर्तन में CIPL की अहम भूमिका

ONGC के डिजिटल परिवर्तन में क्रांति: CIPL का 98 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट

क्या आप जानते हैं कि भारत की दिग्गज तेल और गैस कंपनी ONGC अपने डिजिटल परिवर्तन की यात्रा में एक नए मुकाम पर पहुँच रही है? जी हाँ! नोएडा की तकनीकी दिग्गज, कॉरपोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड (CIPL), ONGC के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को नया रूप देने के लिए तैयार है, और यह प्रोजेक्ट हैरान करने वाला है: 98 करोड़ रुपये! इस ब्लॉग में, हम इस अभूतपूर्व प्रोजेक्ट की गहराई में जाएंगे और देखेंगे कि कैसे CIPL ONGC को डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ाने में मदद कर रही है।

ONGC का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: एक नया अध्याय

ONGC, भारत की ऊर्जा सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लेकिन, बदलते समय के साथ, डिजिटल बदलाव जरूरी हो गया है। इसीलिए, ONGC ने अपने आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने का फैसला किया है, और इस काम के लिए उसने CIPL को चुना है। यह प्रोजेक्ट ONGC के संचालन को भविष्य के लिए तैयार करेगा, और यह सुनिश्चित करेगा कि डाटा रिप्लिकेशन, आपदा पुनर्प्राप्ति, और एप्लिकेशन प्रबंधन जैसी सेवाएँ बिना किसी रुकावट के चलती रहें। यह प्रोजेक्ट ONGC को और अधिक कुशल, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा।

CIPL: एक विश्वसनीय साझेदार

CIPL ने पहले ही भारत सरकार के लिए गोव-ड्राइव जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह एक ‘पे-पर-यूज’ मॉडल पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि ONGC केवल उपयोग की गई सेवाओं के लिए भुगतान करेगा। यह मॉडल ONGC के लिए लागत-प्रभावी और लचीला है।

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएँ:

  • 7 साल की अवधि: यह प्रोजेक्ट सितंबर 2031 तक पूरा होगा।
  • पे-पर-यूज मॉडल: ONGC केवल उपयोग की गई सेवाओं के लिए भुगतान करेगा।
  • दिल्ली और वडोदरा में डेटा सेंटर: ONGC के डेटा को सुरक्षित और सुचारू रूप से चलाने के लिए दिल्ली और वडोदरा में डेटा सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
  • आधुनिक तकनीक: CIPL आधुनिक तकनीक का उपयोग करके ONGC के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक सुरक्षित और कुशल बनाएगा।

CIPL का अनुभव और विशेषज्ञता

CIPL के पास जटिल आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रबंधित करने और उपभोग-आधारित समाधान देने का व्यापक अनुभव है। कंपनी ने कई सफल परियोजनाएँ पूरी की हैं, जिससे ONGC को विश्वास है कि CIPL उनके लिए सबसे उपयुक्त भागीदार है।

भविष्य के लिए तैयारी

यह प्रोजेक्ट ONGC को डिजिटल दुनिया में एक कदम आगे ले जाएगा, उसे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगा, और उसे अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे रहने में मदद करेगा। CIPL की विशेषज्ञता और नवीनतम तकनीक का उपयोग करके, ONGC अपने कार्यों को अधिक कुशल और सुरक्षित बना सकेगा।

CIPL की अन्य सफलताएँ

CIPL ने हाल ही में इंडियन ऑयल से 3 साल का एक और बड़ा प्रोजेक्ट प्राप्त किया है, जिसकी लागत 114 करोड़ रुपये है। इस प्रोजेक्ट में, CIPL इंडियन ऑयल के सभी डिवीजनों में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का साल भर का रखरखाव करेगा।

गोव-ड्राइव प्रोजेक्ट

CIPL भारत सरकार के लिए गोव-ड्राइव प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है, जो सरकार के विभिन्न विभागों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल ड्राइव है। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

ONGC और CIPL के बीच की यह साझेदारी डिजिटल परिवर्तन का एक बड़ा उदाहरण है। यह दर्शाता है कि कैसे सरकारी कंपनियाँ तकनीक का उपयोग करके अपने कार्यों को सुधार सकती हैं और भविष्य के लिए खुद को तैयार कर सकती हैं। CIPL का अनुभव और विशेषज्ञता ONGC को सफलतापूर्वक इस डिजिटल यात्रा को पूरा करने में मदद करेगी।

Take Away Points:

  • ONGC ने अपने आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए CIPL के साथ 98 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है।
  • यह प्रोजेक्ट ‘पे-पर-यूज’ मॉडल पर आधारित है।
  • CIPL ने पहले ही कई बड़े प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
  • यह प्रोजेक्ट ONGC के डिजिटल परिवर्तन और भविष्य की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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