सेकेंड का 70 करोड़वां हिस्सा खोजा, जानिए अब कैसे होगा लाभ

[object Promise]

नई दिल्ली,  एक फेसबुक इंजीनियर ने वक्त की नई यूनिट फ्लिक की खोज की है। कोड शेयरिंग वेबसाइट गिटहब के ब्यौरे के मुताबिक, फ्लिक की वजह से वीडियो इफेक्ट्स को सिंक में रखने में डेवलपर्स को मदद मिल सकेगी। फ्लिक शब्द फ्रेम-टिक से जोड़कर बना है।

एक फ्लिक यानी सेंकेड का 70वां करोड़ हिस्सा (1/705,600,000). नैनोसेकेंड के बाद ये वक्त की नई यूनिट है। फ्लिक का बड़े पैमाने पर तो कोई असर नहीं होगा लेकिन वर्चुअल दुनिया के अनुभवों को इससे ज्यादा बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

बीबीसी रिसर्च एंड डेवलपमेंट के प्रमुख रिसर्च इंजीनियर मैट हैमंड के मुताबिक, ग्राफिक्स में अटकने जैसी जो गलतियां होती हैं, फ्लिक के आने से इसमें कमी आएगी। फ्लिक को बनाने वाले क्रिस्टोफर होर्वाथ ने 2017 में इस आइडिया को फेसबुक पर शेयर किया था।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *