Congress News नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी को तलब किया है। यह समन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भेजा गया है। ईडी सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी को 2 जून यानी कल जबकि सोनिया को 8 जून को तलब किया गया है। मामला पुराने मामले से जुड़ा है जिसे 2015 में बंद कर दिया गया था और फिर से खोल दिया गया है। इस बीच सोनिया और राहुल को समन जारी करने के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार बदले की भावना से अंधी हो गई है। मनी लॉन्ड्रिंग का कोई सबूत नहीं है और न ही मनी एक्सचेंज का कोई सबूत है। नेशनल हेराल्ड मामले में, केवल रूपांतरण या ऋण से इक्विटी है। उन्होंने कहा, “हम न डरेंगे और न झुकेंगे, हम मजबूती से लड़ेंगे।” सुरजेवाला ने कहा, “यह एक राजनीतिक लड़ाई है। कुछ दिन पहले समन भेजा गया था। अगर जरूरी हुआ तो सोनिया गांधी जरूर जाएंगी। हम उन्हें लिख रहे हैं और राहुल गांधी के लिए कुछ समय मांगेंगे।”
सुरजेवाला ने कहा कि ब्रिटिश शासन को जड़ से उखाड़ने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने वर्ष 1937 में नेशनल हेराल्ड अखबार निकाला, जिसके नेता महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरकार पटेल, पुरुषोत्तम दास टंडन, आचार्य नरेंद्र देव, रफी अहमद किदवई और अन्य थे। अंग्रेजों को इस अखबार से इतना खतरा महसूस हुआ कि उन्होंने 1942 में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान नेशनल हेराल्ड पर प्रतिबंध लगा दिया, जो 1945 तक जारी रहा। “स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज” बने इस अखबार का मूल मंत्र था- ” स्वतंत्रता खतरे में है, अपनी पूरी ताकत से इसकी रक्षा करें।” ‘आंदोलन की आवाज’ को दबाने की साजिश की जा रही है। इस साजिश के मुखिया खुद पीएम नरेंद्र मोदी हैं और इसे लागू करने के लिए उनके ‘पसंदीदा और पालतू हथियार’ ईडी है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘न तो वह स्वतंत्रता आंदोलन के लिए नेशनल हेराल्ड की आवाज को रोक पाए और न ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी को डरा पाएंगे। कांग्रेस का नेतृत्व निडर और अडिग है। इस तरह के हथकंडों से डरते हैं। झुकने वालों से नहीं, बल्कि छाती पीटकर लड़ेंगे। नेशनल हेराल्ड अखबार का मूल मंत्र आज भी उतना ही प्रासंगिक है।”
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