कोरोना ना फैले इसलिए 300 गांव वालों ने ख़ुद ही एक दूसरे को किया गंजा, खूब हो रही तारीफ़

[object Promise]

अजमेर । देश में एक के बाद एक कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं और तेजी के साथ लोगों की मौत भी हो रही है. ऐसे में सावधानी ही वो माध्यम है जिसका पालन यदि किया गया तो शायद हालात कुछ राहत देने वाले बनें। बात सावधानी की चल रही है तो हमें अजमेर के मायापुर गांव के लोगों से कुछ प्रेरणा लेनी चाहिए। जिन्होंने जो कर दिया है वो हैरत में डालने वाला तो है ही साथ ही ये भी बता रहा है कि अगर जब साथ हों तो नामुमिकन कुछ नहीं है। यहां के 300 लोग ख़ुद गंजे हुए हैं।

मायापुर गाँव के निवासी मोंटी रावत ने कहा कि वे आम तौर पर अपने बाल कटवाने के लिए अजमेर जाते थे, लेकिन तालाबंदी के बाद उन्हें बिना किसी सहारे के छोड़ दिया गया। लॉकडाउन के बाद, उनके बाल बड़े हो गए और वे अनियंत्रित दिखने लगे, इसलिए, उन्होंने अपने बालों को काटने का निर्णय लिया।

इसकी शुरुआत तब हुई जब गाँव में रहने वाले दो युवकों ने एक-दूसरे के सिर का मुंडन किया। युवाओं को देखकर, दूसरों ने भी ऐसा करने का फैसला किया। वे गंजे होने में प्रत्येक की मदद करने लगे। एक युवा ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ को बताया,  वे यह सुनिश्चित करने के लिए सभी सावधानी बरत रहे हैं कि उनके क्षेत्र में कोई  कोरोनावायरस न हो। उन्होंने कहा कि गाँव से कोई बाहर नहीं जा रहा है और गाँव में प्रवेश करना भी प्रतिबंधित है।

मायापुर के लोगों ने इसका भी समाधान निकाल लिया है। लॉकडाउन में सैलून बंद होने के कारण गांव के सैकड़ों बच्चे व युवाओं ने खुद ही एक-दूसरे के सिर मूंड दिए हैं. बात सुनने में तोड़ी अटपटी जरूर है मगर सच यही है।नाई से बाल कटवाने पर संक्रमण हो सकता है इसलिए मायापुर के युवाओं और बच्चों ने खुद ही एक दूसरे के बाल मूड़ने का काम शुरू कर दिया है। बताते चलें कि फ़िलहाल 300 लोग मायापुर गांव में गंजे हो गए हैं।

इस खौफनाक बीमारी को ठिकाने लगाने के लिए एकजुट हुए लोग कितने और किस हद तक सावधान हैं इसका अंदाजा गांव के लोगों की बातें सुन कर लगाया जा सकता है। गांव के नवयुवक हर आने जाने वाले पर पैनी निगाह रखी जा रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके। गांव के लोग बीमारी के प्रति कितने जागरूक है इसे यूं भी समझ सकते हैं कि साथ आए लोगों की ये बैरिकेडिंग उस घोषणा के एक हफ्ते बाद हटाई जाएगी जब सरकार लॉक डाउन ख़त्म करेगी।

बताते चलें कि मायापुर गांव के तीन रास्तों पर स्थापित की गई चौकियों में गांव के लड़के 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं और यहां ये काम 4-4 घंटे की शिफ्ट में किया जा रहा है। गांव वालों ने ये भी बताया है कि यदि उन्हें कोई इलाके में संदिग्ध दिख रहा है तो वो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दे रहे हैं।

हो सकता है पहली नजर में गांव के लोगों द्वारा की गयी ये हरकत किसी को भी हंसने पर मजबूर कर दे । मगर हमें इसका सकारात्मक पक्ष देखना होगा और इस बात की तारीफ करनी होगी कि ये गांव के लोग उन शहरियों से तो कहीं अच्छे हैं ।जिनके जीवन का फ़िलहाल एक ही मकसद है कि कैसे वो नियमों को तोड़ें और अपनी मनमानी करें।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *