नई दिल्ली । दिवाली से ठीक पहले फैब इंडिया के विज्ञापन पर Fab India के ‘Jashn-e-Riwaaz’ कैंपेन पर खूब बवाल मचा था. ये विवाद क्लोथिंग, होम डेकोर और लाइफ स्टाइल प्रोडक्ट्स से जुड़ी कंपनी फैब इंडिया के ट्वीट- ‘हम प्यार और रोशनी के त्योहार का स्वागत कर रहे हैं. फैब इंडिया की तरफ से जश्न-ए-रिवाज कलेक्शन पेश है.’ पर शुरू हुआ था. नेताओं से लेकर आम लोगों तक ने इसका विरोध किया था साथ ही ट्विटर पर फैब इंडिया के बहिष्कार की मांग भी हुई थी.
जिस वजह से इसके नतीजे के बाद सोशल मीडिया पर लोग काफी मजे ले रहे हैं। फैब इंडिया बिक्री में करीब एक तिहाई की कमजोरी की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक टैग ट्रेंड कराए जा रहे हैं। इनमें #जश्नएक़िल्लत#MahauleMaatam#जश्नऐदिवालिया#Fabindia#KalejaeThandai#JashneKutai#Jashn_e_Kangaal आदि शामिल हैं।
साल 2020-21 में कंपनी के देशभर के स्टोर को इस वजह से नुकसान उठाना पड़ा है। एथनिक वियर की सबसे बड़ी रिटेलर का प्रदर्शन वास्तव में देश के अपैरल और लाइफस्टाइल सेगमेंट के कमजोर कारोबार की दास्तान कह रहा है। भारत के गारमेंट उद्योग की शॉपर्स स्टॉप, टाटा के मालिकाना हक वाली ट्रेंट, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल और लाइफ़स्टाइल इंटरनेशनल जैसी कंपनियों की कमाई घटी है और उनका नुकसान बढ़ गया है।
साल 2020-21 में फैबइंडिया के रेवेन्यू में 30 फ़ीसदी की कमी आई और यह घटकर 1059 करोड़ रुपये पर रह गया। साल 2021 के मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में फैबइंडिया को 116 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ है। कंपनी के 60 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब उसे नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीण इलाकों से एथनिक प्रोडक्ट सोर्स कर शहरों के ग्राहकों को बेचने वाली कंपनी की पिछले दो दशक में बिक्री पहली बार गिरी है।
पारम्परिक भारतीय शिल्प से प्रेरित कपड़े और फर्नीचर का रिटेल कारोबार करने वाली Fab India अपना IPO लाने की तैयारी में है। फैब इंडिया ने लगभग 500 मिलियन डॉलर (लगभग 3800 करोड़ रुपये) के अपने IPO के लिए शुरुआती दस्तावेज फाइल करने की योजना बना ली है।
दिल्लीकी FabIndia कंपनी में विप्रो के फाउंडर अजीम प्रेमजी की फैमिली ऑफिस कंपनी प्रेमजी इन्वेस्ट (PremjiInvest) का निवेश है। कंपनी की योजना है कि अगले साल की शुरुआत में ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा करवा दिया जाए। सूत्रों ने कहा कि इस आईपीओ में काफी हद तक मौजूदा शेयरों को ही बेचने की योजना है। इसके माध्यम से फैबइंडिया कंपनी की 2 अरब डॉलर वैल्युएशन सामने आने की उम्मीद कर रही है।
क्या था विवाद?
फैब इंडिया (Fabindia) ने विवाद के बाद अपना विज्ञापन वापस ले लिया था। अपने कपड़ों के कलेक्शन के लिए फैब इंडिया ने एक विज्ञापन जारी किया था, जिसे जश्न-ए-रिवाज का नाम दिया गया। इस विज्ञापन के जारी होते ही बीजेपी नेताओं ने ब्रैंड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। बीजेपी नेताओं ने कहा कि दीवाली को उर्दू का नाम देकर फैब इंडिया ने हिंदू त्योहार का अपमान किया है। हालांकि फैब इंडिया की तरफ से साफ किया गया है कि ये उनका दीवाली कलेक्शन नहीं है।
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