बीजेपी नेता कोई मौका नही छोड़ते स्वार्थ साधने का, इन्होने जुबान फिसलने का किया राजनीतिकरण

राजनीति– देश का राजनीतिक परिदृश्य काफी बदल गया है। अब राजनेता व्यक्तिगत प्रहार करने से नही चूकते। अगर हम बीजेपी की बात करे तो इस पार्टी के नेता एक भी ऐसा मौका नही छोड़ते जब वह विपक्षियों पर उनके व्यक्तिगत जीवन को लेकर टिप्पणी न करे। 

यदि बीजेपी के किसी नेता की जुबान फिसल जाए तो वह गलती होती है और उस मुद्दे को दबाया जाता है। लेकिन यदि जुबान विपक्ष के राजनेताओं की फिसल जाए तो उसे मुद्दा बनाने से बीजेपी एक बाद भी पीछे नहीं हटती।
अभी हाल ही का उदाहरण ले तो कल पटना के कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार की जुबान फिसल गई। उन्होंने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री कहकर संबोधित किया। यह हर कोई जानता है की नीतीश की जुबान फिसने के कारण हुआ है। लेकिन बीजेपी के राजनेताओं ने इस बात का फायदा उठाया और जुबान फिसले का राजनीतिकरण कर डाला।
बीजेपी नेता बीजेपी प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा की नीतीश कुमार के बयान से साफ पता चल रहा है कि उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है। उनके उस बयान से यह साफ पता चल रहा है कि आज की राजनीति किन मुद्दों पर अपना स्वार्थ साध रही है। 
राजनेता आज जनता का हित लेकर मैदान में उतरते हैं और जब उन्हें सत्ता हासिल हो जाती है और वह जनता के हित को सूली चढ़ा कर उसकी चिता जला देते हैं। और बाद में उस चिता की आंच पर अपने व्यक्तिगत स्वार्थ की रोटियां सेकते है।
आज समय ऐसा है की देश मे अपराध धडले से बढ़ रहा है। युवा बेरोजगार घूम रहा है। महंगाई आसमान छू रही है। हर ओर महिलाओं का शोषण हो रहा है। लेकिन सरकार अपनी धुन में मगन है। वह विपक्ष की कमियां गिनाने से फुर्सत नही पा रही है। 
आज देश के कर्ताधर्ता युवाओं को धर्म का ज्ञान दे रहे हैं। उन्हें धर्मवादी बना रहे हैं। धर्म के नाम पर खून बहाया जा रहा है। लेकिन मुद्दों के नाम पर कोई फरमान जारी नही हो रहा है। यदि कोई मुद्दों की बात उताता है तो उस मुद्दे को दबाने के लिए आज के राजनेताओं के पास धर्म का ऐसा चूरन है जिसे वह हर दिन जनता को चटा कर उन्हें धर्म स्मोकिंया बना रहे हैं और उनकी मानवता की हत्या कर रहे हैं।
आज देश मे जितना भी मतभेद है यह लोगो के मन की उपज नही है। बल्कि यह राजनेताओं की गढ़ी हुई कहानी है। कोई हिंदू हितैषी बनता है तो कोई मुस्लिम हितैषी किसी को दलित प्यारा है। तो किसी को ब्राह्मण। लेकिन आज एक भी राजनेता ऐसा नही है जो यह कह दे की मुझे इंसान प्यारा है और अब हम राजनीति इंसान के लिए करेंगे उनके हित के लिए करेंगे।

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